दिल्ली में घूमने के लिए कई जगह हैं, जिन्हें देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोग अपनी छुट्टियां मनाने यहां आते हैं। दिल्ली के टॉप दर्शनीय स्थलों के बारे में आपने आज तक पढ़ा होगा और हो सकता है आप कुछ जगहों पर घूमने भी गए होंगे, लेकिन राजधानी में कुछ जगह तो ऐसी भी हैं जो दिल्ली के लोगों ने भी नहीं देखी होंगी। इन जगहों के बारे में भले ही लोगों को नहीं मालूम, लेकिन इनका अहमियत आज भी कायम है। आइए जानते हैं दिल्ली की कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में जहां आप अपने आने वाले वीकेंड का प्लान बना सकते हैं...
भले घूम ली हो पूरी दिल्ली, फिर भी इन 7 अंजान जगहों को नहीं देख पाए होंगे
मिर्जा गालिब की हवेली
पिछले कुछ समय से लोगों को सोशल मीडिया के जरिए मिर्जा गालिब की हवेली के बारे में पता चला है, लेकिन अभी भी ज्यादातर लोग इसके बारे में नहीं जानते हैं। उर्दू के मशहूर शायर मिर्जा गालिब की याद में बनवाई गयी इस हवेली में गालिब ने अपने मुश्किल के दिन बिताए थे। इस हवेली में म्यूजियम बना हुआ है, जिसमें गालिब के कुछ नायाब काम सजाए गए हैं। यह हवेली चांदनी चौक के पास कासिम जान गली, बारादरी में है। यहां जाने के लिए आपको चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन से शाहजहानबाद तक के लिए ऑटो लेना होगा और वहां से हवेली आप पैदल जा सकते हैं।
हिजड़ों का खानकाह
इस जगह के नाम से ही मालूम होता है कि ये जगह हिजड़ों को समर्पित है। इस जगह पर चारों तरफ शांति का माहौल रहता है, लेकिन बहुत कम लोग ही यहां जाते हैं। इस परिसर के बाहर लोहे का दरवाजा है, जिस पर कभी ताला नहीं लगाया जाता। इसके अंदर एक बहुत पुरानी छोटी सी मस्जिद है, जिसे आज भी अच्छे से रखा जाता है। इस जगह की देखभाल किन्नर करते हैं। बताया जाता है कि इस जगह को लोदी वंश के शासनकाल के दौरान बनवाया गया था। ये जगह कुतुब मीनार से कुछ ही दूरी पर है।
अगर आप 'हॉन्टेड प्लेस' पर जाने की दिलचस्पी रखते हैं तो ये जगह खास आपके लिए है। करीब 700 साल पुराना ये महल इस्लामिक विरासत का नमूना है। इस महल को 14 वीं सदी में सुल्तान फिरोज शाह तुगलक ने बनवाया था। इस जगह का नक्शा आपको बेहद पसंद आएगा। किले के दो प्रवेश द्वार हैं। दूसरे प्रवेश द्वार से आप सीधा आंगन पहुंचेंगे। आंगन के किनारों में कमरे बने हैं और उत्तर की तरफ सीढ़ियां जो चबूतरे की तरफ जाती हैं। यहां समय बिताकर आप खुश हो जाएंगे, लेकिन किले की भूतहा घटनाओं को सुनने के बाद मन में एक डर भी रहेगा।
जहाज महल
आप सोच रहे होंगे इस महल का नाम जहाज महल क्यों है। दरअसल, इस महल के पास में झील है, जिसकी परछाई इस पर पड़ती है। इसलिए इस महल का नाम जहाज महल रखा गया। इस महल को लोदी साम्राज्य के समय बनाया गया था। ये महल महरौली में स्थित है। अगर आप शांति के कुछ पल बिताना चाहते हैं तो ये जगह परफेक्ट है।