बरसात का मौसम खत्म होने के बाद मौसम बहुत ही सुहावना हो जाता है। इस मौसम में सैर करने का अलग ही मजा होता है क्योंकि न बहुत गर्मी पड़ती है और न ही सर्दी। साथ ही त्योहारों के कारण छुट्टियां भी आराम से मिल जाती है। अगर इस सुहावने मौसम और त्योहारों की छुट्टियों का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो इस हिल स्टेशन की यात्रा बहुत ही रोमांचक होगी।
मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची पहाड़ी पर है ये हिल स्टेशन, केवल सैर ही नहीं धर्म से भी जुड़ी है आस्था
पंचमढ़ी मध्यप्रदेश का बहुत ही खूबसूरत हिल स्टेशन है। इसे सतपुड़ा की रानी के नाम से भी जाना जाता है। यहां के सुंदर नजारे किसी का भी दिल जीतने के लिए पर्याप्त हैं। चारों तरफ से सतपुड़ा की पहाड़ियों से घिरी यह पहाड़ी सैलानियों के लिए किसी मनोरम स्थल से कम नहीं है। यहां पर पर्यटकों के देखने के लिए खूबसूरत झरने, कलकल बहती नदियां, खूबसूरत घाटियां हैं। इसके साथ ही इस स्थान का अपना पौराणिक महत्व भी है।
मान्यता है कि यह स्थान पांडवों की पांच गुफाओं से बना है। कहा जाता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान बहुत सा समय यहीं पर बिताया था। पंचमढ़ी दो शब्द पांच और मढ़ी से मिलकर बना है। कहते हैं कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां पर पांच गुफाओं का निर्माण किया था। वर्तमान में ये गुफाएं एक ऊंचे पर्वत पर स्थित हैं।
धूपगढ़
ये जगह सतपुड़ा रेंज का सबसे ऊंचा प्वाइंट है। इसे सनराइज और सनसेट प्वाइंट के नाम से भी जाना जाता है। चारुगढ़ दूसरा सबसे ऊंचा प्वाइंट है। इसका धार्मिक महत्व भी है क्योंकि इसके शिखर पर एक शिव मंदिर स्थित है।
यहां पर प्राचीन काल की पांच गुफाएं बनी हैं। मान्यता है कि महाभारत काल में यहां पर पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान विश्राम किया था। अब इन गुफाओं को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया है। यहां पर एक गुफा में मंदिर बना है जिनमें बहुत ही खूबसूरत पेंटिंग की गई है। यह गुफा लगभग तीस किमी लंबी है।