Mysterious Hill station Khait Parvat : क्या आपने कभी परियों को देखा है? शायद देखा न हो लेकिन दादी-नानी की कहानियों और फिल्मी दृश्यों से परियों के रूप और काया को दिमाग में बसा जरूर लिया होगा। बचपन की कहानियों की परियां बड़े होने बचकानी बातों सी लगती हैं, जिनका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं लेकिन यादों में बसा उनका रूप रंग देखने की लालसा जरूर होती होगी।
Mysterious Hill station: दिल्ली से कुछ घंटों की दूरी पर है रहस्यमयी हिल स्टेशन, जिसे कहते हैं 'परियों का देश'
आइए जानते हैं कि परियों का देश कहां बसा है और यहां कैसे पहुंचा जा सकता है। इस रहस्यमयी हिल स्टेशन की कहानी आपको यहां आने के लिए मजबूर कर सकती है।
कहां हैं परियों का देश ?
उत्तराखंड के एक छोटे से हिल स्टेशन को परियों का देश कहा जाता है। इस हिल स्टेशन का नाम 'खैट पर्वत' है। खैट पर्वत गढ़वाल जिले में स्थित है। खैट पर्वत समुद्र तल से करीब 10000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह पर्वत किसी जन्नत से कम नहीं लगता।
कैसे पहुंचे खैट पर्वत ?
खैट पर्वत जाने के लिए उत्तराखंड के ऋषिकेश से सड़क मार्ग के जरिए गढ़वाल जिले के फेगुलीपट्टी के थात गांव तक किसी सवारी से पहुंच सकते हैं। टिहली गढ़वाल तक आपको बस सेवा मिल सकती है। इसके अलावा टैक्सी या खुद की गाड़ी से भी जा सकते हैं। थात गांव के पास ही गुम्बदाकार पर्वत है, जिसे खैट पर्वत कहते हैं।
क्या है मान्यता?
लोगों का कहना है कि खैट पर्वत पर अचानक ही परियां नजर आ जाती हैं। उनका मानना है कि परियां आसपास के गांवों की रक्षा करती हैं। कुछ लोग इन्हें परियां, तो कुछ योगनियां और वनदेवियां भी मानते हैं।
मंदिर भी रहस्यमयी?
केवल खैट पर्वत ही नहीं, थात गांव से करीब 5 किमी दूर स्थित खैटखाल मंदिर को भी रहस्यमयी माना जाता है। कहते हैं कि इस मंदिर में परियों की पूजा होती है और जून के महीने में मेला लगता है।
यहां रहने के हैं कुछ नियम
यहां के लोगों का मानना है कि परियों को चटकीला रंग, तेज संगीत और शोर-शराबा पसंद नहीं है। इसलिए यहां इन चीजों की मनाही है। घूमने आने वाले पर्यटकों को भी संगीत न बजाने की हिदायत दी जाती है। घूमने के लिहाज से यह स्थान हरियाली से घिरा, सुहाना मौसम और अद्भुत नजारों वाला है। खैट पर्वत पर अखरोट और लहसुन की खेती भी होती है। कैंपिंग के लिए भी यहां आ सकते हैं लेकिन 7 बजे के बाद आपको कैंप से बाहर जाने की इजाजत नहीं मिलती है।