घूमने के शौकीन है और साथ में संगीत को भी पसंद करते हैं तो बस ये जगह आपके लिए बनी है। यहां पर सितंबर महीने में हर साल संगीत संध्या का आयोजन किया जाता है जहां आप अपने संगीत का प्रदर्शन भी कर सकते हैं और संगीत का लुत्फ भी उठा सकते हैं। तो आइए जानें कौन सी जगह है वो जिसकी हम बात कर रहे हैं।
संगीत के हैं शौकीन तो सितंबर में जाएं जीरो घाटी, पहाड़ों की वादियों में सुरमयी शाम का है अलग मजा
जीरो घाटी बसी है अरुणाचल प्रदेश में। यहां पर अपातिनी प्रजाति के लोग रहते हैं जो अपनी सभ्यता और संस्कृति के साथ ही संगीत के प्रति अपने प्रेम को लेकर भी जाने जाते हैं। इस म्यूजिक फेस्टिवल के जरिए यहां के टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलता है। केवल म्यूजिक फेस्टिवल ही नहीं इस घाटी के और भी बहुत से नजारे और स्थल हैं देखने के लिए।
अरुणाचल प्रदेश की हरी-भरी वादियों में हर साल होता है म्यूजिक फेस्टिवल का आयोजन। इस आयोजन की खास बात है कि इसमें भारत भर से संगीत के शौकीन शामिल होते हैं और अपने हुनर को दिखाते है। जीरो म्यूजिक फेस्टिवल आयोजन का आगाज 2012 से दो गिटार बजाने वालों ने किया था। इस फेस्टिवल में आपको रंग-बिरंगी संस्कृति, कला और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। पिछले साल इस फेस्टिवल का आयोजन 27 सितंबर से शुरु हुआ था।
मेघना गुफा मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और जीरो घाटी के बहुत ही नजदीक स्थित है। यहां पर भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आपको बहुत सी सीढियां चढ़ना पड़ेगा, जिसमें करीब दस मिनट का समय लग सकता है। इस पांच हजार साल पुराने मंदिर को देखने के बाद आपकी सारी थकान दूर हो जाएगी।
जीरो पुट एक पहाड़ी है जहां स्वतंत्र भारत का पहला प्रशासनिक केंद्र स्थापित किया गया था। यहां पर 1960 के दशक में सेना की छावनी को स्थापित किया गया था। जिसकी वजह से इसे छावनी पुटो भी कहा जाता है।