पूर्वोत्तर राज्यों में से एक मेघालय जिसे बादलों का भी घर कहा जाता है। इस खूबसूरत पर्वतीय राज्य की देवदार वनस्पति, बर्फ से ढकी चोटियां, मनमोहक झरने और अनोखी फ्लोरा-फौना यहां की विशेषता है। आपको यहां पर अद्भूत ट्राइबल कल्चर देखने को मिलता है। मेघायलय भारत की सात बहनों वाले राज्यों में से एक है। यहां की यात्रा थोड़े समय में आपको ढेर सारे यादगार पलों का अनुभव देती है। अगर आप यहां आने की योजना बना रहे हैं तो हम आपके मेघालय के बेस्ट डेस्टिनेशन के बारे में बताने जा रहे हैं।
आप पहले दिन गुवाहाटी एयरपोर्ट पर उतरकर शिलांग के लिए रवाना हों। शिलांग गुवाहाटी से करीब 132 किलोमीटर की दूरी पर है। आप शिलांग चार घंटे में पहुंच सकते हैं। कोशिश करें की आप फ्लाइट सुबह की लें ताकि आप पहले दिन ही शिलांग घूम सकते हैं। शिलांग पहुंचकर आप पोलो ग्राउंड्स जा सकते हैं। वहां पर तीर नाम की प्रतियोगिता की जाती है जिसे आप देख सकते हैं। इसके बाद आप वहां का मेन मार्केट शाम के वक्त घूम सकते हैं।
आप मेघालय के यात्रा के दूसरे दिन शिलांग के आसपास की जगहों को देख सकते हैं। अगर आपको इतिहास में थोड़ी भी रूचि है तो आप यहां के विलियमसन संगमा स्टेट म्यूजियम घूम सकते हैं। इसके अलावा अगर आप नेचर का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो आप शहर के सबसे फेमस टूरिस्ट स्पॉट वार्ड लेक घूम सकते हैं। साथ ही शिलांग में कई चर्च मौजूद हैं जो यहां की सुंदर वास्तुकला को दर्शाते हैं तो आप यहां भी घूम सकते हैं।
शिलांग से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर मावफ्लांग में स्थित ‘मावफ्लांग सैक्रेड फॉरेस्ट’ जिसे लॉ लिंगडोह भी कहा जाता है, को देखने जा सकते हैं। यह एक नैसर्गिक दृश्य वाला पवित्र वन है। यह स्थान यहां के आदिवासियों के लिए पूजनीय है।
आप अपने यात्रा के तीसरे दिन नार्टियांग के मोनोलिथ देखने जा सकते हैं। यह जगह शिलांग से तीन घंटे की दूरी पर स्थित है। यहां पर जंतिया राजाओं के ग्रीष्मकालीन महल के अवशेष देखने को मिलते हैं और देवी दुर्गा का एक प्रसिद्ध मंदिर भी है। यात्रा के चौथे दिन आप चेरापूंजी घूम सकते हैं। दुनिया में सबसे अधिक बारिश यहां पर होती है। उससे भी अधिक आकर्षक हैं यहाँ के जीवित पेड़ों की जड़ों से निर्मित पुल। एक छोटा सा कठिन ट्रैक इन पुलों तक ले जाता है। इसके अलावा आप मौलित्रोंग की खासी बस्ती को भी देखने जा सकते हैं। जिसे एशिया का सबसे स्वच्छ गांव माना जाता है।