Mahashivratri 2025 Maharashtra Jyotirlinga Name : महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व है। इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी 2025 को मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर भक्त उपवास रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और शिवालयों में दर्शन करने जाते हैं। देशभर में 12 ज्योतिर्लिंग है, जहां भक्त दर्शन के लिए जा सकते हैं। ज्योतिर्लिंग वह स्थान हैं जहां भगवान शिव ज्योति के रूप में प्रकट हुए और लिंग स्वरूप में स्थित हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश-गुजरात समेत कई राज्यों में ज्योतिर्लिंग मौजूद हैं। इनमें से सबसे अधिक ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र में हैं।
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Mahashivratri 2025: महाराष्ट्र में हैं कितने ज्योतिर्लिंग? महाशिवरात्रि पर करें दर्शन
Wed, 26 Feb 2025 06:12 AM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Wed, 26 Feb 2025 06:12 AM IST
सार
अगर आप इस पावन अवसर पर महादेव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करना चाहते हैं, तो महाराष्ट्र के इन ज्योतिर्लिंग मंदिरों में जरूर जाएं।
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त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक
- फोटो : Instagram
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
- फोटो : Instagram
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
- 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग पुणे से 100 किमी दूर है।
- यह सह्याद्री पर्वत की खूबसूरत वादियों में स्थित है।
- यह स्थल भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के पास स्थित है, जहां प्रकृति प्रेमियों के लिए भी बहुत कुछ है।
- मान्यता है कि भगवान शिव ने यहां त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था।
- पुणे से लगभग 110 किमी दूर स्थित यह मंदिर सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
- फोटो : अमर उजाला
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
- महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्रयंबकेश्वर मंदिर है।
- नासिक से 28 किमी दूर ब्रह्मगिरी पहाड़ियों पर मंदिर स्थित है।
- इस शिवलिंग की आकृति अलग है। यह तीन छोटे-छोटे लिंगों से मिलकर बना है, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक है।
- नासिक से लगभग 30 किमी दूर स्थित यह मंदिर मुंबई और पुणे से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है।
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घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
- फोटो : instagram
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
- औरंगाबाद जिले में घृष्णेश्वर मंदिर है जो 12 वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रसिद्ध है।
- यह मंदिर एलोरा की गुफाओं के पास स्थित है, जिसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया है।
- मंदिर की नक्काशीदार दीवारें और दक्षिण भारतीय शैली में बनी वास्तुकला इसे बेहद भव्य बनाती हैं।
- औरंगाबाद से 15 किमी दूर यह मंदिर ट्रेन और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
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परली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
- फोटो : instagram
परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग
- परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग बीड जिले में स्थित है और नजदीकी रेलवे स्टेशन परली वैजनाथ है।
- मान्यता है कि यहां भगवान शिव ने अमृत कलश स्थापित किया था, जिससे यह स्थल अमरत्व का प्रतीक बन गया।
- इस मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की अनुमति नहीं है, लेकिन भक्त बाहर से जल अर्पित कर सकते हैं।