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Lohri 2025: दिल्ली के इन प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गुरुद्वारों में मनाएं लोहड़ी का पर्व

Fri, 10 Jan 2025 01:34 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Fri, 10 Jan 2025 01:34 PM IST
सार

दिल्ली के ये प्रसिद्ध गुरुद्वारे लोहड़ी के उत्साह और धार्मिक भावनाओं को और भी खास बना देते हैं। इस लेख में आपको दिल्ली के कुछ प्रसिद्ध गुरुद्वारों के बारे में बताया जा रहा है। 

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पटना साहिब - फोटो : Instagram

Lohri 2025: लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख त्योहार है। इसे मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को मनाया जाता है। लोहड़ी का पर्व पर विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है, लेकिन दिल्ली में भी इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी के मौके पर लोग गुरुद्वारे जाते हैं। पर्व पर गुरुद्वारों की सैर न केवल आध्यात्मिक अनुभव देती है, बल्कि यह हमें सिख धर्म की समृद्ध परंपराओं और इतिहास से भी जोड़ती है। यहां लंगर और कीर्तन का आयोजन होता है। वैसे तो देश भर में कई ऐतिहासिक महत्व रखने वाले प्रसिद्ध गुरुद्वारे हैं लेकिन अगर आप दिल्ली के रहने वाले हैं तो राजधानी में ही कई गुरुद्वारों में माथा टेकने जा सकते हैं।



लोहड़ी के अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारे घूमने का खास महत्व है। इन गुरुद्वारों में जाकर आप आध्यात्मिक शांति के साथ त्योहार की खुशियां भी मना सकते हैं। दिल्ली के ये प्रसिद्ध गुरुद्वारे लोहड़ी के उत्साह और धार्मिक भावनाओं को और भी खास बना देते हैं। इस लेख में आपको दिल्ली के कुछ प्रसिद्ध गुरुद्वारों के बारे में बताया जा रहा है।

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गुरुद्वारा बंगला साहिब - फोटो : instagram

गुरुद्वारा बंगला साहिब 

दिल्ली के कनॉट प्लेस में राजधानी का सबसे प्रसिद्ध और भव्य गुरुद्वारा स्थित है। गुरुद्वारा बंगला साहिब के सरोवर को बेहद पवित्र माना जाता है। लोहड़ी के मौके पर यहां विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन होता है। पर्व के अवसर पर पहुंचकर गुरुद्वारे की खूबसूरत वास्तुकला का आनंद ले सकते हैं और कीर्तन व सरोवर के पास शांति का अनुभव कर सकते हैं।  

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गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब - फोटो : Instagram

गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब

राजधानी में स्थित  संसद भवन के पास गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब है। इस गुरुद्वारे को गुरु तेग बहादुर जी की याद में बनाया गया है।  यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिख इतिहास और परंपरा का प्रतीक है। लोहड़ी के दिन यहां लंगर और सेवा के लिए जाएं।

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शीश गंज साहिब - फोटो : Instagram

गुरुद्वारा शीश गंज साहिब

दिल्ली की सबसे बड़ी और पुरानी बाजारों में से एक चांदनी चौक में भी ऐतिहासिक महत्व रखने वाला गुरुद्वारा है, जिसका नाम शीश गंज साहिब है। इस गुरुद्वारे को गुरु तेग बहादुर के बलिदान स्थल पर बनाया गया है। यह सिख धर्म के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।  लोहड़ी के दिन यहां विशेष अरदास में शामिल हो। साथ आसपास के बाजारों में घूमकर त्योहार की रौनक का आनंद ले सकते हैं।

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गुरुद्वारा दमदमा साहिब - फोटो : Instagram

गुरुद्वारा दमदमा साहिब

हौज खास में गुरुद्वारा दमदमा साहिब है। ये गुरुद्वारा भी काफी पुराना है, जिसका ऐतिहासिक महत्व है। लोहड़ी पर गुरुद्वारा दमदमा साहिब में कीर्तन दरबार और लंगर का आयोजन किया जाता है। यहां का शांति वातावरण आपको जरूर पसंद आएगा। साथ ही हरे-भरे वातावरण का आनंद भी ले सकते हैं।

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