{"_id":"5c03ae6fbdec2220567c87ee","slug":"know-about-best-place-of-nainital-tourism","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"घूमने के लिए शिमला-मनाली से भी बेस्ट जगह है नैनीताल, खर्चा भी बेहद कम","category":{"title":"Travel","title_hn":"यात्रा","slug":"travel"}}
घूमने के लिए शिमला-मनाली से भी बेस्ट जगह है नैनीताल, खर्चा भी बेहद कम
Sun, 02 Dec 2018 04:47 PM IST
कशिश मिश्रा
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
Published by: कशिश मिश्रा
Updated Sun, 02 Dec 2018 04:47 PM IST
विज्ञापन
घूमने फिरने या दोस्तों के साथ घूमने का प्लान हो नैनीताल का नाम सबसे पहले आता है।
- फोटो : instagram
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घूमने फिरने या दोस्तों के साथ घूमने का प्लान हो तो नैनीताल का नाम सबसे पहले आता है। मौसम चाहे गर्मी हो या हो सर्दी, नैनीताल की प्राकृतिक खूबसूरती लोगों को अपने तरफ खींच लाती है। सर्दी के मौसम में नैनीताल चारों तरफ से बर्फ से ढ़क जाता है। इसका लुत्फ उठाने दूर -दराज से सैलानी आते हैं। विंटर में इस खूबसूरती को देखने के लिए आएं लोग यहां से जाने का नाम नहीं लेते हैं। एक समय ऐसा था जब यहां 60 से ज्यादा झील होती थीं, जिसकी खूबसूरती को देख लोग मंत्र-मुग्ध हो जाते हैं। यहां सैलानी एक बार घूमने आते हैं और पूरे साल यहां की प्राकृतिक खूबसूरती का गुणगान गाते है। दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोग अपनी गाड़ी से जा सकते हैं। बस से किराया महज 600 से 800 रूपये आएगा। यहां रहने और खाने पीने का खर्च भी बहुत कम पैसे में हो जाएगा।
नैनीताल जाने के लिए कोई हवाई सेवा नहीं है।
- फोटो : instagram
नैनीताल के लिए कोई सीधी हवाई सेवा नहीं है। यहां कार या फिर बस से जा सकते हैं। यहां से काठगोदाम रेलवे स्टेशन 34 किलोमीटर की दूरी पर है जहां से हर वक्त नैनीताल के लिए साधन मिलते रहते हैं। नैनीताल की खोज सन 1841 में हुई थी। इस जगह का निर्माण अंग्रेजों ने अपने आराम के लिए करवाया था। नैनीताल चारों तरफ से पर्वत और घने पेड़ के बीच बसा हुआ है। नैनीताल तीनों ओर से खूबसूरती से घिरा हुआ है। ऊंचे-ऊंचे पर्वत, घने पेड़ और समुद्रतल जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। ताल का पानी बेहद साफ है, ताल के पानी में पहाड़ों और उसकी आस-पास की परछाई नजर आती है। रात के समय पहाड़ के ऊपर बने घर टिमटिमाती रौशनी की परछाई जब ताल में नजर आती है तो इसे देख ऐसा लगता है मानो ताल में हजारों की संख्या में बल्ब नजर आता है।
यहां की ताल का रंग बहुत ही सुहावना होता है
- फोटो : instagram
यहां पानी के ताल का रंग प्राकृति पर निर्भर करता है। मौसम के अनुसार इसके पानी का रंग बदलते रहता है। बरसात में हरा होता है। गर्मी में मटमैला तो वहीं सर्दियों में नीला नजर आता है। इस अदभुत नजारे को देखने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं। कुछ लोग अपने दोस्तों के साथ आते हैं तो वहीं कुछ लोग अपने परिवार के साथ अनमोल समय बिताने आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां रहने की व्यलस्था भी सही है 500 से 1000 रुपय में रहने के लिए अच्छी होटल मिल जाती है
- फोटो : instagram
यहां रहने की व्यवस्था भी सही है। 500 से 1000 रुपये में रहने के लिए अच्छा होटल मिल जाता है। एक समय का खाना भी मिल जाता है। होटल से बाहर खाने की व्यवस्था भी अच्छी होती है।
अगर आप अपनी गाड़ी से नैनीताल जा रहे हैं तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें..शराब पीकर गाड़ी चलाना सख्त मना है। यहां गाड़ी में एफएम या म्यूजिक चलाना मना है। यहां चप्पल पहनकर ड्राइविंग करने पर भी चालान हो सकता है। अगर मॉल रोड़ जाना है तो पहले से टैक्सी की बुकिंग करा लें। मौसम कोई भी हो वहां के लिए गर्म कपड़ा जरूर लेकर जाएं।
विज्ञापन
नैनीताल दो भागों में बटां हुआ हैं तल्लीताल और मल्लीताल इसके ऊपरे हिस्से को मल्लीताल कहते है
- फोटो : instagram
नैनीताल दो भागों में बंटा हुआ है। तल्लीताल और पल्लीताल इसके ऊपरे हिस्से को पल्लीताल कहते हैं और निचले भाग को तल्लीताल कहते हैं। यहां पल्लीताल पर नैनादेवी मंदिर और घूमने के लिए खुले मैदान है जहां लोग सैर-सपाटे करते नजर आते हैं। तल्लीताल और पल्लीताल को जोड़ने वाली जगह को मॉल रोड़ कहते हैं। यह शॉपिंग के लिए भी बहुत अच्छी जगह हैं।