शरीर के भीतर क्या चल रहा है, क्या गड़बड़ है? शरीर खुद इसका संकेत देता है, बस इसे हमें समय रहते पहचानने की जरूरत होती है। पेशाब करने की आदत या पेशाब में बदलाव भी ऐसा ही एक संकेत है जिससे सेहत का बेहतर तरीके से अंदाजा लगाया जा सकता है।
अलर्ट: पेशाब में जलन के साथ हो रहा है बुखार? कहीं ये इंफेक्शन की ओर तो नहीं है इशारा
पेशाब में जलन यूटीआई का सामान्य संकेत हो सकता है, खासकर जब इसके साथ बार-बार पेशाब आने, पेट के निचले हिस्से में दर्द या पेशाब में बदलाव हो। लेकिन जलन के साथ बुखार, ठंड लगना, उल्टी या कमर में दर्द किडनी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसे में जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
यूटीआई की समस्या
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि यूटीआई तब होता है जब पेशाब पथ में पहुंचकर बैक्टीरिया संक्रमण पैदा करते हैं। यह संक्रमण मूत्रमार्ग, ब्लैडर या किडनी के किसी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि पेशाब में जलन के साथ बुखार को सामान्य वायरल फीवर का लक्षण मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं में इसका जोखिम अधिक होता है क्योंकि उनका मूत्रमार्ग छोटा होता है। इससे बैक्टीरिया के यूरिनरी ट्रैक्ट में पहुंचने का खतरा अधिक होता है। हालांकि पुरुषों को भी इस तरह के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
कहीं आप भी तो नहीं हो गए हैं शिकार?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पेशाब करते समय जलन होना यूटीआई का सबसे सामान्य लक्षण है। इसके साथ बार-बार पेशाब करने की तेज इच्छा होना, थोड़ी मात्रा में पेशाब निकलना, पेट के निचले हिस्से में दर्द की भी दिक्कत हो सकती है। इंफेक्शन के कारण पेशाब से तेज गंध भी आती है।
- पेशाब में जलन के साथ बुखार और ठंड लगने की स्थितियों को ज्यादा गंभीर संकेत माना जाता है। ये लक्षण किडनी तक संक्रमण पहुंचने की ओर इशारा हो सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते डॉक्टर से मिलकर जांच और इलाज कराना जरूरी है।
किन लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा?
कुछ स्थितियां आपमें यूटीआई के खतरे को बढ़ा सकती हैं, इससे बचाव करते रहना बहुत आवश्यक है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होता है। नतीजतन, बैक्टीरिया को मूत्राशय तक पहुंचने में आसानी होती है।
- अगर आप यौन संबंधों के दौरान साफ-सफाई का ध्यान नही रखते तो इससे भी संक्रमण का खतरा होता है।
- मेनोपॉज के बाद, एस्ट्रोजेन हार्मोन के स्तर में कमी के कारण महिलाओं में मूत्र पथ संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
- इसके अलावा जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है या फिर जिनका शुगर लेवल अक्सर हाई रहता है, ऐसे लोगों में भी यूटीआई की दिक्कत ज्यादा देखी जाती रही है।
यूटीआई हो जाए तो क्या करें और कब जाएं डॉक्टर के पास
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ज्यादातर मामलों में हल्का संक्रमण घर पर ही आसानी से ठीक हो जाता है। संक्रमण से बचने के लिए पानी पीते रहना बहुत जरूरी है, वहीं संक्रमण हो जाए तो भी खूब पानी पीने से लाभ मिल सकता है। इससे पेशाब के जरिए बैक्टीरिया बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। जरूरत महसूस होने पर पेशाब करें, इसे रोकें नहीं।
- बैक्टीरियल यूटीआई में डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीबायोटिक दे सकते हैं, हालांकि कभी भी दवा खुद से शुरू न करें। डॉक्टर ने जितने दिन की दवा बताई है, उतना कोर्स पूरा करें, भले ही लक्षण जल्दी ठीक हो जाएं।
अगर यूटीआई के साथ बुखार, ठंड लगने, मतली या बार-बार उल्टी जैसी दिक्कतें हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये किडनी तक संक्रमण पहुंचने के संकेत हो सकते हैं।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।