Kedarnath Yatra 2025: केदारनाथ मंदिर की यात्रा हर साल गर्मियों से शुरू होती है जब मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। यह यात्रा आमतौर पर अप्रैल या मई से नवंबर तक होती है। ठंड के मौसम में भारी बर्फबारी के कारण मंदिर बंद रहता है। अगर आप भी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा या केदारनाथ मंदिर की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो सबसे पहले यह जान लें कि साल 2025 में केदारनाथ मंदिर के कपाट कब खुल रहे हैं, यात्रा के लिए पंजीकरण की तारीख क्या है और केदारनाथ की यात्रा कैसे और किस मार्ग से की जा सकती है।
Kedarnath Yatra 2025: कब कर सकते हैं केदारनाथ की यात्रा? जानिए वहां तक पहुंचने के विकल्प
जान लें कि साल 2025 में केदारनाथ मंदिर के कपाट कब खुल रहे हैं, यात्रा के लिए पंजीकरण की तारीख क्या है और केदारनाथ की यात्रा कैसे और किस मार्ग से की जा सकती है।
यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कब कर सकते हैं?
पर्यटन विभाग ने 20 मार्च से आधार आधारित ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया था। अब तक 16 लाख से अधिक तीर्थयात्री पंजीकरण कर चुके हैं। पंजीकरण वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर केदारनाथ धाम के लिए दो से चार मई तक पंजीकरण स्लॉट फुल हो चुके हैं। 20 मई तक यात्रा के लिए अब अलग-अलग तारीख में सात दिन के पंजीकरण स्लॉट उपलब्ध है।
कहां स्थित है केदारनाथ मंदिर?
केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। साथ ही पंच केदार तीर्थ स्थलों में केदारनाथ मंदिर पहला है। यह मंदिर भगवान शिव का अति प्रिय माना जाता है, तो कि भगवान शिव के बैल स्वरूप के अलग-अलग पांच अंगों को समर्पित है। केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित है।
केदारनाथ तक पहुंचने के विकल्प
सड़क मार्ग
केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए आप हरिद्वार, ऋषिकेश या देहरादून से बस, टैक्सी की मदद से सोनप्रयाग पहुंच सकते हैं। सोनप्रयाग से गौरीकुंड की दूरी लगभग पांच किमी है, जहां स्थानीय टैक्सी से पहुंचा जा सकता है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16-18 किमी की पैदल यात्रा करनी होती है।
हेलीकॉप्टर सेवा
फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है। टिकट के लिए GMVN की वेबसाइट या अधिकृत एजेंसियों से बुकिंग कर सकते हैं। हेलीकॉप्टर की बुकिंग यात्रा से कुछ हफ्ते पहले शुरू हो जाती है।
घोड़ा, खच्चर, डंडी-कंडी सेवा
बुजुर्ग या बीमार यात्रियों के लिए घोड़ा, खच्चर या पालकी का विकल्प भी उपलब्ध हैं, जो गौरीकुंड से मंदिर तक ले जाते हैं।
केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए खर्च
ट्रेन या बस से दिल्ली से देहरादून का टिकट 300 से 1000 रुपये तक मिल जाएगा। देहरादून से गौरीकुंड के लिए बस करते हैं तो 300 से 500 रुपये तक हो सकता है। दिल्ली से गौरीकुंड से सीधे भी बस सेवा मिल सकती है, जिसका किराया 500-1000 रुपये है। अगर हेली सेवा ले रहे हैं तो प्रति व्यक्ति सिरसी से 5498 रुपये राउंड ट्रिप, फाटा से केदारनाथ धाम का टिकट 5500 रुपये और गुप्तकाशी से 7740 रुपये का टिकट मिलेगा। हेलीकॉप्टर सेवा बजट से बाहर है तो गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए पालकी, घोड़े भी बुक कर सकते हैं।