भारत आस्था और विश्वास का देश है। यहां शक्ति पूज्यनीय हैं। देश में कई सारे देवी मंदिर हैं। कई सारे मंदिरों से जुड़ी अलग-अलग मान्यताएं हैं। भक्त इन मंदिरों को चमत्कारी मानते हैं। विज्ञान के ऊपर यदि कुछ होता है तो वह है चमत्कार। कई लोगों का इन देवी मंदिरों से विश्वास इसलिए ही जुड़ा हुआ है क्योंकि उन्होंने अपनी आंखों से चमत्कार देखे हैं। देवी को हम मां के स्वरूप में पूजते हैं और जब हम मां से सच्चे मन से कुछ मांगते हैं तो वो हमारी इच्छाओं को जरूर पूरा करती हैं। देश के इन प्रसिद्ध देवी मंदिरों में भी जब श्रद्धालु कुछ मांगते हैं तो उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। अगली स्लाइड्स से जानिए इन प्रमुख देवी मंदिरों की विशेषताएं।
भारत के प्रमुख देवी मंदिर, जहां एक बार चले जाने से भक्तों की मनोकामनाएं होती हैं पूरी
कामाख्या देवी मंदिर
गुवाहटी के पश्चिम में नीलाचल पहाड़ी के मध्य में स्थित कामख्या देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां देवी को इच्छा की देवी भी कहा जाता है क्योंकि भक्तों का ऐसा मानना है कि देवी के दर्शन करने से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। देवी का रजस्वला धर्म को प्राप्त होना भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और चट्टान रूपी योनि से होने वाले रक्तस्राव को देखने दूर-दूर से दर्शनार्थी यहां आते हैं।
करणी माता मंदिर
राजस्थान के बीकानेर में स्थित करणी माता का मंदिर भी बेहद प्रसिद्ध है। यहां मंदिर में माता के साथ चूहे भी निवास करते हैं। पर्यटकों को यह आकर्षित करता है कि वर्तमान में मंदिर में लगभग 30,000 काले चूहे निवास करते हैं जो कि किसी भी दर्शनार्थी को परेशान नहीं करते हैं। मंदिर से जुड़ी यह मान्यता है कि जो लोग चूहों का जूठा प्रसाद खाते हैं, उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। मंदिर के भीतर संगमरमर की अद्भुत नक्काशी है।
अंबा माता मंदिर
गुजरात के जुनागढ़ में स्थित अंबा माता मंदिर भी देवी दुर्गा के 51 शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि यहां देवी मां का ह्रदय गिरा था। यह मंदिर देश के प्राचीन मंदिरों में से एक है। यहां भक्तों में अधिकांश नवविवाहित अंबाजी का आशीर्वाद लेने आते हैं। यहां दर्शन करने से वैवाहिक जीवन खुशहाली के साथ बीतता है। मंदिर में शक्ति की ऊर्जा इस कदर महसूस होती है कि भक्तों के सारे दुख-दर्द यहां आने से मिट जाते हैं।
मध्यप्रदेश में स्थित मैहर माता का मंदिर इसलिए भी देश में इतना ज्यादा प्रसिद्ध है क्योंकि पूरे देश में मां शारदा के रूप में देवी का यह एकमात्र मंंदिर है। मंदिर सतना जिले के मैहर शहर में त्रिकुटी की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यहां सिर्फ नवरात्रि में ही नहीं बल्कि पूरे साल भक्तों की भीड़ लगी रहती है। कहा जाता है कि यह एक चमत्कारिक मंदिर है, जहां भक्तों की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं इसलिए भक्तों की इस जगह से बहुत आस्था जुड़ी हुई है।