हिमाचल की वादियों में इतने खूबसूरत रंग बिखरे हैं जिन्हें आप एक या दो बार में नहीं देख सकते। यहां पर जितनी बार सैर के लिए जाइए किसी न किसी नई और अद्भुत जगह के बारे में जानकारी मिलती है और अगली बार उस अनोखी जगह को देखने का वादा लिए आप चले आते हैं। ऐसी ही पहाड़ों की वादियों में बसे एक खूबसूरत घाटी के बारे में आज हम बताने जा रहे हैं। ये जगह मनोहारी दृश्यों के साथ ही लोगों के लिए धार्मिक आस्था का भी केंद्र है। आगे की स्लाइड में जाने कौन सी है वो जगह।
हिमाचल की वादियों में बसी है अनोखी जगह खीरगंगा, जहां ऐसा लगता है मानो बह रही हो 'खीर'
खीरगंगा समुद्र से 2960 मी ऊंचाई पर हिमाचल के पार्वती घाटी में बसा एक छोटा सा ट्रैक है। ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीन लोगों के लिए ये जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां पर आपको 10 किमी लंबा ट्रैक का रास्ता चलना पड़ेगा। जो बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं है।
ट्रैकिंग का रास्ता बर्शेणी से शुरू होता है। यहां तक आने के लिए आपको साधन मिल जाएंगे लेकिन इसके बाद का दस किमी का रास्ता पैदल ही तय करना पड़ता है। इस ट्रैक पर कोई भी मानव बस्ती नहीं है और करीब चार किमी का लंबा जंगल भी है। लेकिन इन दुर्गम रास्तों से होकर जब आप ऊपर पहुंचते हैं तो वहां पर बना झरना आपकी रास्ते की सारी थकान को दूर कर देगा।
ट्रैक के रास्ते को पार करने के बाद यहां पर गर्म पानी का कुंड बना है। जिसके बारे में धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। कहते हैं कि सतयुग के समय में यहां पर खीर बहती थी लेकिन कलयुग में इस खीर को लेकर युद्ध न हो इसलिए परशुराम ने इस खीर को पानी में बदल दिया था। आज भी इस कुंड में कुछ मलाई जैसे टुकड़े नजर आते हैं। पास में ही मां पार्वती का मंदिर भी बना हुआ है। इस जगह को लेकर स्थानीय लोगों में बहुत आस्था है। कहते हैं इस पानी में नहाने से त्वचा से जुड़ी किसी तरह की बीमारी में आराम मिल जाता है।
खीरगंगा में देखने के लिए बहुत सुंदर नजारे हैं। यहीं पर पास में ही पार्वती मां के बड़े पुत्र कार्तिकेय भगवान की गुफा बनी हुई है। कहते हैं कि इस गुफा में भगवान कार्तिकेय ने तपस्या की थी। इस जगह की जितनी ज्यादा धार्मिक मान्यता है उतनी ही सुंदर है यह जगह। आश्चर्य की बात यह है कि यहां पर बहुत से इजरायली पर्यटक आते हैं।