Kartarpur Sahib Entry Ticket: सिख धर्म के कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। दिल्ली समेत कई शहरों में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाले लोकप्रिय गुरुद्वारा हैं तो वहीं पांच तख्त यानी पांच गुरुद्वारे सबसे अहम हैं। ये पांच तख्त भारत में ही हैं। जिसमें सबसे प्रमुख है श्री अकाल तख्त साहिब। यह अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में स्थित है।
दूसरा तख्त श्री केशगढ़ साहिब पंजाब के रूपनगर जिले में हैं। तीसरा तख्त श्री दमदमा साहिब पंजाब के बठिंडा में मौजूद हैं। वहीं चौथा तख्त श्री पटना साहिब,बिहार के पटना जिले में है। पाँचवाँ और आखिरी तख्त श्री हुजूर महाराष्ट्र में स्थित है। इन पांच तख्त के अलावा सिखों के लिए एक जगह और सबसे अहम व पवित्र मानी जाती है। इस जगह का नाम है करतारपुर साहिब। करतारपुर साहिब पाकिस्तान में मौजूद है।
हर साल लाखों श्रद्धालु करतारपुर साहिब जाते हैं। सवाल है कि करतारपुर साहिब में एंट्री सिर्फ सिख धर्म के लोगों को ही मिल सकती हैं या अन्य भी जा सकते हैं। करतारपुर साहिब का टिकट कितने का है और यहां कैसे पहुंचा जा सकता है।
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करतारपुर साहिब
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दुनिया का सबसे बड़ा गुरुद्वारा
करतारपुर साहिब को दुनिया का सबसे बड़ा गुरुद्वारा माना जाता है। यह भारत-पाकिस्तान सीमा से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। इस स्थान पर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक रुके थे। मान्यता है कि उन्होंने वहां 18 वर्षों के दौरान करतारपुर गांव में खेती की थी।
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करतारपुर साहिब
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कौन जा सकता है करतारपुर साहिब
सिख धर्म में धार्मिक भेदभाव देखने को नहीं मिलता है। सिखों के धार्मिक स्थलों जैसे गुरुद्वारों में किसी भी धर्म व जाति के व्यक्ति को आने की अनुमति है। यहां सभी के लिए लंगर की व्यवस्था होती है, जिसमें हर धर्म के लोग भरपेट खाना खा सकते हैं। इसी तरह करतारपुर साहिब में भी धर्म के व्यक्ति के प्रवेश पर पाबंदी नहीं है। सिख धर्म के अलावा किसी भी धर्म का व्यक्ति हिंदू या मुस्लिम वहां जा सकते हैं।
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करतारपुर साहिब की एंट्री फीस
करतारपुर पाकिस्तान के नरोवाल जिले में पड़ता है। वहीं करतारपुर साहिब गुरुद्वारा है। भारत से हर साल लाखों श्रद्धालु करतारपुर साहिब जाते हैं। इसलिए इसे भारत और पाकिस्तान दोनों ही ओर से संचालित किया जाता है। इस पूरे क्षेत्र को करतारपुर कॉरिडोर कहा जाता है। भारतीय श्रद्धालु बिना वीजा करतारपुर जा सकते हैं। हालांकि करतारपुर साहिब में दर्शन के लिए उन्हें एंट्री फीस देनी होती है। ये फीस पाकिस्तान सरकार द्वारा तय की गई है। करतारपुर साहिब जाने के लिए 20 डॉलर यानी लगभग 1600 रुपये फीस देनी होती है।
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करतारपुर साहिब में कैसे मिलती है एंट्री
यहां सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक यात्रा चलती है। तीर्थयात्रियों को सूर्यास्त से पहले लौटना होता है। गुरुद्वारा जाने वाले सभी भक्तों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद आपके ईमेल पर ईटीए (इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकरण) के माध्यम से अनुमति दी जाती है। यात्रा के समय आपको इसकी एक प्रति साथ रखनी होती है।