सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह की आज जयंती है। उनका जन्म बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। प्रकाशोत्सव के अवसर पर हर साल यहां बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पटना में स्थित तख्त श्री पटना साहिब या श्री हरमंदिर जी पटना साहिब, सिखों की आस्था से जुड़ा एक ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल है। बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारा में संगतों की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां आज भी गुरु गोविंद सिंह से जुड़ी खास चीजें संभाल कर रखी हुई हैं, जिनका दर्शन करने सिख अनुयायी जाते रहते हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से:
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Guru Gobind Singh, Patna sahib, Gurudwara
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सिख धर्म के अनुयाइयों के लिए स्वर्ण मंदिर श्री हरिमंदिर साहिब के बाद तख्त श्री पटना साहिब का स्थान सबसे पवित्र स्थलों में दूसरे नंबर पर है। पटना साहिब का सिख पंथ के मानने वालों में विशेष महत्व इसलिए है, क्योंकि सिखों के 10वें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह का जन्म हुआ था। इस गुरुद्वारा का निर्माण महाराजा रणजीत सिंह ने कराया था, जिन्होंने भारत और पाकिस्तान में कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे बनवाया है।
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गुरु गोबिंद सिंह से संबंधित प्रमाणिक वस्तुएं
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पटना स्थित इस गुरुद्वारे में गुरु गोबिंद सिंह से संबंधित कई प्रमाणिक वस्तुएं रखी हुई है। गुरु गोबिंद सिंह ने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए हैं, जिन्हें पंच ककार कहा जाता है। सिखों में इन पांच चीजों को अनिवार्य माना जाता है। ये पांच चीजें हैं- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा।
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गुरु गोबिंद सिंह की तलवार, तीर (File Photo)
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारा में वो सभी चीजें मौजूद हैं, जिनका गुरु गोविंद सिंह उपयोग करते थे। यहां गुरु गोविंद की छोटी कृपाण भी मौजूद है, जिसे वो हमेशा अपने पास रखते थे। इसके अलावा यहां उनकी खड़ाऊं और कंघा भी रखा हुआ है। यहां मौजूद कुआं के बारे में बताया जाता है कि इसका इस्तेमाल गुरु गोविंद सिंह की मां पानी भरने के लिए किया करती थीं।
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File Photo
- फोटो : अमर उजाला
पटना में सिख गुरुओं से जुड़े कई धार्मिक स्थल
पटना सिटी स्थित तख्त श्री हरिमंदिर के अलावा यहां सिख गुरुओं से जुड़े छह और गुरुद्वारे हैं। गुरुद्वारा गायघाट में सिखों के प्रथम गुरु नानक देव ठहरे थे, जबकि नौवें गुरु तेगबहादुर ने सपरिवार यहा प्रवास किया था। माता गुजरी का जाता सहित कई स्मृतिया यहां हैं। गुरु का बाग, सुनारटोली साहिब का भी अपना महत्व है। देश भर से सिख अनुयायी जब भी पटना पहुंचते हैं तो इन सभी गुरुद्वारों में दर्शन करने पहुंचते हैं।