Sri Ram Temples in India: चैत्र नवरात्रि के समापन पर नवमी तिथि पर राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि में रामलला का जन्म हुआ था। ऐसे में राम नवमी पर भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम का जन्मोत्सव मनाते हैं और पूजा की जाती है। राम नवमी के मौके पर देश के प्रसिद्ध राम मंदिरों में उत्सव जैसा माहौल होता है। सभी जगहों पर श्रीराम का जन्म उत्सव मनाया जाता है। भजन कीर्तन और हवन आदि का आयोजन होता है। इस मौके पर श्रीराम के दर्शन किए जा सकते हैं।
Ram Navami 2025: देश में कहां-कहां हैं श्रीराम के मंदिर, जहां राम नवमी मनाने जा सकते हैं आप
देशभर में अयोध्या के अलावा भी श्रीराम के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर हैं, जहां आप दर्शन के लिए जा सकते हैं। आइए जानते हैं देश के प्रसिद्ध राम मंदिरों के बारे में, जहां रामनवमी के मौके पर जाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में रामलला का जन्म हुआ था। वह राजा दशरथ के पुत्र थे और बाद में अयोध्या के राजा बने। इसलिए इस स्थान को श्रीराम का जन्मस्थल माना जाता है। हाल ही में यहां दशकों के बाद भगवान राम का भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। अयोध्या राम भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है और इसे रामभक्तों के लिए सबसे बड़ा तीर्थस्थल माना जाता है।
संकट मोचन हनुमान मंदिर
उत्तर प्रदेश के ही वाराणसी जिले में श्री हनुमान जी को समर्पित मंदिर है, जिसका नाम संकट मोचन हनुमान मंदिर है। लेकिन श्रीराम के प्रति गहरी आस्था के कारण राम भक्त विशेष तौर पर इस मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं।
रामेश्वरम मंदिर
तमिलनाडु के रामेश्वर में भगवान शिव को समर्पित मंदिर है लेकिन यह वही स्थान है जहां श्रीराम ने लंका जाने से पहले भगवान शिव की पूजा की थी। यहां रामसेतु और रामकुंड जैसे पवित्र स्थल भी हैं। रामेश्वरम देश के प्रसिद्ध चार धामों में से एक है।
कोदंडरामस्वामी मंदिर
कोदंडरामस्वामी मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित है, जहां उनकी पूजा धनुष के साथ की जाती है। यह मंदिर रामेश्वरम के पास और आंध्र प्रदेश में भी स्थित हैं।
राजाराम मंदिर
मध्य प्रदेश के ओरछा जिले में भगवान राम का भव्य मंदिर है। ये देश का इकलौता मंदिर है, जहां श्रीराम की पीजा राजा के रूप में की जाती है। यहां उन्हें श्रीराम, रामलला नहीं, बल्कि राजा राम के नाम से संबोधित किया जाता है। इस मंदिर में राजा राम को हर दिन गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है।
रामास्वामी मंदिर
तमिलनाडु में रामास्वामी मंदिर स्थित है। इस मंदिर को दक्षिण भारत की अयोध्या कहा जाता है। यहां भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ ही भरत और शत्रुघ्न की मूर्तियां भी स्थापित हैं और सभी की पूजा साथ में होती है।
सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर
तेलंगाना के भद्रादी कोठागुडेम के भद्राचलम में श्रीराम और माता सीता को समर्पित मंदिर है। सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर के नाम से मशहूर ये स्थान दक्षिण भारत में श्री राम की भक्ति का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस जगह से ही भगवान ने लंका से माता सीता को वापस लाने के लिए गोदावरी नदी को पार किया था। इस मंदिर में भगवान राम की मूर्ति धनुष और बाण के साथ स्थापित है।
त्रिप्रायर मंदिर
केरल के त्रिशूर जिले में बेहद ही खूबसूरत सा मंदिर स्थित है। मान्यताओं के मुताबिक, यहां श्रीराम की मूर्ति को भगवान कृष्ण ने स्थापित किया था। इसको केरल के चेट्टुवा क्षेत्र के एक मछुआरे द्वारा स्थापित किया था। इसके बाद शासक वक्कायिल कैमल ने इस मूर्ति को त्रिप्रायर में स्थापित किया था। ऐसा कहा जाता है कि यहां भक्तों को बुरी आत्माओं से मुक्ति मिलती है।