Famous Hanuman Temples in India: हनुमान जन्मोत्सव हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाता है। इस साल हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल 2025 को मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस तिथि को पवन पुत्र हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन भगवान बजरंगबली की विशेष पूजा अर्चना होती है। लोग हनुमान मंदिरों के दर्शन के लिए जाते हैं।
Hanuman Temples: देश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों की सूची, तय कर लें हनुमान जन्मोत्सव पर कहां जाना चाहते हैं आप
यहां देशभर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों की सूची दी जा रही है, और कुछ प्रमुख मंदिरों के बारे में बताया जा रहा है, जहां आप हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर दर्शन और पूजा अर्चना के लिए जा रहे हैं।
देशभर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर
- हनुमानगढ़ी, अयोध्या, उत्तर प्रदेश
- लेटे हुए हनुमान जी मंदिर, प्रयागराज
- श्री संकटमोचन मंदिर, वाराणसी
- हनुमान धारा, चित्रकूट
- सालासर हनुमान मंदिर, सालासर राजस्थान
- मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, मेहंदीपुर
- अंजनेयद्रि पहाड़ी हनुमान मंदिर, कर्नाटक
- महावीर मंदिर, पटना
- श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर (गुजरात):
- श्री कैंप हनुमान मंदिर, अहमदाबाद
- हनुमान वाटिका, ओडिशा
- डुल्या मारुति, पुणे
- बजरंगबली मंदिर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़):
- नेब सराय हनुमान मंदिर, दिल्ली
- रामपुरी हनुमान मंदिर, दिल्ली
- उज्जैन हनुमान मंदिर
- खम्मम हनुमान मंदिर, तेलंगाना
- बागेश्वर धाम, छतरपुर मध्य प्रदेश
- नीम करोली बाबा मंदिर, कैंची धाम, नैनीताल
प्रमुख हनुमान मंदिर
हनुमानगढ़ी, अयोध्या
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में प्रभु राम की जन्मभूमि है। वहीं हनुमान जी भगवान राम के सबसे परम भक्त माने जाते हैं। मान्यता है कि 14 वर्ष के वनवास के बाद जब राजा राम अयोध्या लौटे तो हनुमान जी को साथ ले आए। ऐसा भक्तों को विश्वास है कि हनुमान जी आज भी अयोध्या की रक्षा के लिए वहां वास करते हैं। राम जन्मभूमि से कुछ दूरी पर हनुमानगढ़ी मंदिर स्थित है, जहां बजरंगबली जी का वास है। इस मंदिर की स्थापना करीब 300 साल से भी पहले स्वामी अभयारामदास ने की थी। कहते हैं कि रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों की तीर्थ तब तक सम्पन्न नहीं होता, जब तक वह हनुमानगढ़ी के दर्शन नहीं करते।
मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले में मेहंदीपुर नाम का स्थान है जहां दो पहाड़ियों के बीच बालाजी का प्राचीन और चमत्कारी मंदिर स्थित है। इस मंदिर का इतिहास करीब एक हजार साल पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि यहां चट्टान पर स्वयंभू हनुमान जी की आकृति उभर आई थी। यहां देश के कोने-कोने से भक्त अपने कष्टों के निवारण के लिए पहुंचते हैं। यहां भैरव बाबा, प्रेतराज सरकार और कोतवाल कप्तान की पूजा भी होती है।
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लेटे हुए हनुमान मंदिर, प्रयागराज
तीर्थराज प्रयागराज में संगम के किनारे लेटे हुए हनुमान जा का मंदिर स्थित है। मान्यता है कि लंका विजय के बाद हनुमान जी थकान के कारण विश्राम के लिए संगम किनारे लेट गए थे, इसलिए यहां उनकी लेटी हुए प्रतिमा स्थापित है। कहते हैं कि संगम स्नान के बाद हनुमान जी के दर्शन करने से ही तीर्थ पूरा माना जाता है।