दिल्ली में टूरिस्ट स्पॉट की कमी नहीं है। कई लोग तो ऐसे भी हैं, जो सालों से दिल्ली में रहने के बावजूद अबतक कई टूरिस्ट स्पॉट नहीं घूम पाए होंगे। दिल्ली के बाहर से आने वाले पर्यटकों का भी फोकस लाल किला, कुतुब मीनार, चांदनी चौक, इंडिया गेट, कनॉट प्लेस, लोटस टेंपल, अक्षरधाम जैसी जगहों तक सीमित रह जाता है, लेकिन इसके अलावे कई ऐसी जगह है, जहां घूमने का अनुभव अलग ही होता है।
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Purana Qila
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दिल्ली के प्रगति मैदान के पास स्थित पुराना किला पर्यटकों के लिए खास ऐतिहासिक जगह है। बताया जाता है कि इसे शेरशाह सूरी ने 16वीं शताब्दी में बनवाया था। यह भी कहा जाता है कि पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ यहीं थी। इस ऐतिहासिक जगह को पसंद करनेवालों और पर्यटकों के लिए अच्छी खबर यह है कि यहां केंद्र सरकार दो करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। आइए, जानते हैं कि यह राशि खर्च करने के बाद पर्यटकों के लिए क्या कुछ खास होगा।
दरअसल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और भारत सरकार ने संयुक्त रूप से 'पुराना किला' के पास एक और संग्रहालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बीते सोमवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में यह बात कही। बताया जा रहा है कि इस संग्रहालय का निर्माण अप्रैल 2020 तक किया जाएगा।
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पुरावशेष गैलरी का उद्घाटन करते केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विदेशों से देश वापस लाई गईं चीजें देख पाएंगे
पुराना किला के सेंट्रल एंटिक्विटी कलेक्शन में रखी पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं को नए संग्रहालय में रखा जाएगा। विदेशों से देश वापस लाई गई कुछ पुरातात्विक वस्तुओं को भी संग्रहालय में रखा जाएगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा है कि नए संग्रहालय के निर्माण का उद्देश्य यह है कि पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं जैसे उपकरण, टेराकोटा, मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, अर्ध-कीमती पत्थर, वास्तुकला के टुकड़ों समेत अन्य चीजें आम लोग, पर्यटक और शोध छात्र देख सकें और इतिहास से रूबरू हो सकें।
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Old Qila
- फोटो : Social Media
पुराना किला के सेंट्रल एंटिक्विटी कलेक्शन सेक्शन एएसआई की खुदाई में निकली ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं को सुरक्षित रखा गया है। इसमें प्रागैतिहासिक काल की चीजें भी हैं और कुछ स्वतंत्रता के बाद के समय की भी वस्तुएं हैं। पुराना किला के पास बनाए जाने वाले नए संग्रहालय परियोजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।