दिनभर की भागदौड़ के बाद जब रात को बिस्तर पर पहुंचते हैं तो शरीर थका हुआ होता है, लेकिन कई बार दिमाग लगातार चलता रहता है। कभी ऑफिस का काम, कभी अगले दिन की चिंता और कभी मोबाइल पर स्क्रॉल करने की आदत,इन वजहों से आंखों में नींद होने के बावजूद सोना मुश्किल हो जाता है। कई लोग ऐसे में बार-बार करवट बदलते हैं या फोन उठाकर सोशल मीडिया देखने लगते हैं, जिससे नींद और दूर हो सकती है।
लाइफस्टाइल हैबिट: बिस्तर पर लेटने के बाद भी नहीं आती नींद? रात में जल्दी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
How to Fall Asleep Faster: अगर आपको भी रात में बिस्तर पर लेटने के बाद नींद न आए तो अपनी बेड टाइन रूटीन और जीवनशैली की आदतों पर ध्यान देना मददगार हो सकता है। सोने से पहले तेज रोशनी और स्क्रीन से दूरी बनाना, कमरे को शांत और आरामदायक रखना, रात में बहुत भारी खाना न खाना और रोज लगभग एक ही समय पर सोने की कोशिश करना नींद की बेहतर आदत बनाने में मदद कर सकता है।
रात में नींद नहीं आ रही है तो क्या करें?
1. मोबाइल को कुछ देर के लिए दूर रखें
सोने के समय मोबाइल पर रील्स, वीडियो या सोशल मीडिया देखने की आदत दिमाग को सक्रिय रख सकती है। इसलिए कोशिश करें कि सोने से पहले कुछ समय स्क्रीन से दूरी रखें। फोन को बिस्तर से थोड़ा दूर रखना भी बार-बार नोटिफिकेशन देखने की आदत कम कर सकता है।
2. कमरे का माहौल नींद के अनुकूल बनाएं
बहुत तेज रोशनी, शोर या असहज तापमान नींद में बाधा डाल सकता है। सोने के समय कमरे में हल्की रोशनी रखें और वातावरण को शांत व आरामदायक बनाने की कोशिश करें।
3. रात में बहुत भारी खाना न खाएं
सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से पेट को पाचन में परेशानी हो सकती है और शरीर असहज महसूस कर सकता है। रात का खाना सोने से कुछ समय पहले और अपेक्षाकृत हल्का रखना बेहतर है।
4. चाय-कॉफी का समय देखें
शाम या रात में ज्यादा चाय, कॉफी या कैफीन वाले पेय लेने से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है। अगर आपको रात में नींद आने में परेशानी होती है तो दोपहर के बाद कैफीन का सेवन सीमित करने पर विचार करें।
5. बिस्तर पर जाने से पहले दिमाग को शांत करें
अगर सोते समय लगातार विचार चल रहे हों तो कुछ मिनट डीप ब्रीदिंग कर सकते हैं। धीरे-धीरे सांस लेना और छोड़ना शरीर को आराम देने वाली बेड टाइन रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
6. रोज एक जैसा सोने का शेड्यूल रखें
हर दिन अलग-अलग समय पर सोना और उठना शरीर की नींद-जागने की लय को प्रभावित कर सकता है। कोशिश करें कि सोने और उठने का समय लगभग नियमित रहे। छुट्टी के दिन भी इसमें बहुत ज्यादा बदलाव न करें।
7. दिन में थोड़ी फिजिकल एक्टिविटी करें
दिनभर बिल्कुल निष्क्रिय रहने के बजाय नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करें। सुबह या दिन में टहलना और पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी लेना भी स्वस्थ स्लीप रूटीन का हिस्सा हो सकता है। बहुत देर रात जोरदार व्यायाम करने से कुछ लोगों को उल्टा अधिक अलर्ट महसूस हो सकता है।
8. बिस्तर पर नींद का इंतजार करते न रहें
अगर काफी देर तक नींद नहीं आ रही है तो बिस्तर पर परेशान होकर करवटें बदलते रहने के बजाय कुछ शांत गतिविधि कर सकते हैं। जैसे हल्की किताब पढ़ना या धीमी रोशनी में शांत बैठना। नींद महसूस होने पर वापस बिस्तर पर जाएं।