दिल्ली की व्यस्त जीवनशैली में अधिकतर लोगों के पास बहुत समय नहीं होता या फिर नौकरीपेशा लोगों के पास छुट्टियां काफी नहीं होती। ऐसे में लोग सोचते हैं कि दिल्ली से पास पड़ने वाली किसी ऐसी जगह का टूर किया जाए, जहां वीकेंड सुकून से बिताया जा सके और ज्यादा पैसे भी खर्च न हों। लीजिए, हम आपको बता रहे हैं दिल्ली के पास पर्यटन स्थलों से भरे एक ऐसी शानदार जगह के बारे में, जहां आप मात्र दो दिन की छुट्टी में भी घूम कर आ सकते हैं।
Weekend Destination: बस दो दिन का समय निकालें और सस्ते में घूम आएं दिल्ली से पास की ये टूरिस्ट प्लेस
हम बात कर रहे हैं राजस्थान में अरावली की पहाड़ियों के बीच ऐतिहासिक इमारतों से भरे शहर अलवर की, जिसका प्राचीन नाम 'शाल्वपुर' है। अलवर सुंदर झीलों, भव्य महलों, शानदार मंदिरों, शानदार स्मारकों और विशाल किलों के लिए प्रसिद्ध है। अलवर का सौंदर्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। नीमराना फोर्ट, सरिस्का टाइगर रिजर्व, सिलीसेढ़ झील समेत यहां कई दर्शनीय स्थल हैं, जो आपका मन मोह लेंगे।
सरिस्का टाइगर रिजर्व
अलवर जिले में अरावली की पहाड़ियों पर 800 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला सरिस्का मुख्य रूप से वन्य जीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व के लिए प्रसिद्ध है। अलवर के सरिस्का की गिनती भारत के जाने माने वन्य जीव अभयारण्यों में की जाती है। इसके अलावा इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व भी है। यहां सरिस्का पैलेस भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।
नीमराना फोर्ट पैलेस
अलवर में 1464 ईस्वी में स्थापित नीमराना फोर्ट पैलेस देश के कुछ प्राचीनतम हेरिटेज रिजॉर्ट्स में से एक है। अरावली क्षेत्र के नीमराना गांव में स्थित नीमराना किला, पृथ्वीराज चौहान तृतीय की तीसरी राजधानी रहा है, जो दिल्ली जयपुर हाइवे पर स्थित है और 25 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यह भव्य किला बाहर से देखने में मनमोहक है ही, साथ ही किले के अंदर से बाहर का नजारा उससे भी अधिक आकर्षक लगता है।
सिटी पैलेस और बाला किला
सिटी पैलैस परिसर अलवर के पूर्वी छोर की शान है। सिटी पैलैस के ऊपर अरावली की पहाड़ियां हैं जिन पर बाला किला बना है। बाला किले की दीवार पूरी पहाड़ी पर फैली हुई है जो हरे-भरे मैदानों से गुजरती है। लगभग 928 ई. में निकुम्भ राजपूतों द्वारा बनाई गई यह इमारत अलवर शहर में सबसे पुरानी इमारत है।