भगवान तो कण-कण में बसे हैं। अगर आप इस लोकोक्ति पर यकीन करते हैं तो फिर हम आपको इसके प्रमाण भी दे देते हैं। अगर आपको सैर करना भाता है लेकिन हर बार आप केवल पहाड़ों या समु्द्रों की सैर करते हैं तो आज हम कुछ ऐसी धार्मिक मान्यताओं वाली जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां की सैर करने के बाद आप को ऊपर लिखी लोकोक्ति पर यकीन हो जाएगा। यहां की महिमा सुनकर पूरे भारत से सैलानी दर्शन के लिए आते हैं। तो चलिए जानें वो कौन से धार्मिक स्थल हैं जिनकी यात्रा आपको जिंदगी में एक बार जरूर करनी चाहिए।
केवल चार धाम ही नहीं अपनी जिंदगी में एक बार इन अद्भुत धार्मिक जगहों की सैर भी जरूर करें
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चित्रकूट शहर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच बसा एक छोटा सा शहर है जिसका भू भाग दोनों प्रदेशों में फैला हुआ है। इस छोटे से शहर में बहुत से मंदिर हैं जिनके दर्शन के लिए सैलानी आते हैं। मान्यता है कि यहां पर चौदह वर्ष के वनवास के बाद राम और उनके भाई भरत का मिलाप हुआ था। इसके साथ ही यहां पर हनुमान जी का एक मंदिर है जिसके बारे में भी कुछ मान्यताए प्रचलित है। इस शहर के कण-कण में भगवान बसे हैं क्योंकि यहां पर धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी बहुत सी कथाएं सुनने को मिलेगी।
गुजरात के द्वारका के बारे में कहा जाता है कि ये शहर भारत के सात प्राचीन शहरों में से एक है। इस शहर को लेकर अनेक धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण की राजधानी थी। इसके साथ ही ये चार धाम में से एक है। इस शहर में बहुत से मंदिर हैं दर्शन करने के लिए। जिनके बारे में अनेक पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं।
बहुत बड़े भू-भाग में फैले इस वन के बारे में कथा प्रचलित है कि रामायण काल में यहीं से रावण ने मां सीता का हरण किया था। इस जगह को देखने आने वालों का सबसे बड़ा कारण यहीं कथा है। ये वन केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, तेलंगाना राज्य में भी फैला हुआ है।
हिंदूओं की आस्था का केंद्र देवप्रयाग भी सैर करने के लिए एक बढ़िया जगह है। कहा जाता है कि यहां पर अलकनंदा नदी भागीरथी से मिलकर गंगा का रूप लेती हैं और फिर यहीं से आगे बढ़ती हैं। ऋषिकेश से 70 किमी दूर बसे इस शहर की सैर करने का मौका मिले तो एक बार जरूर जाएं।