Valmiki Jayanti 2023 Wishes: महाकाव्य रामायण के रचयिता ऋषि वाल्मीकि एक डाकू थे,जिनका नाम रत्नाकर था। नारद मुनि के साथ हुई मुलाकात के बाद रत्नाकर का हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने लूटपाट छोड़कर सत्कर्म का मार्ग चुना। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, रत्नाकर ने अपने पापों की क्षमा मांगने के लिए ब्रह्मा जी का कठोर तप किया। तपस्या में लीन रत्नाकर के शरीर पर दीमक की परत चढ़ गई। ब्रह्मा जी उनके तप से बेहद प्रसन्न हुए और उनका नाम वाल्मीकि रख दिया।
Valmiki Jayanti 2023: महाकाव्य रामायण रचयिता ऋषि वाल्मीकि की जयंती, प्रियजनों को भेजें ये प्रेरणादायक संदेश
गुरु हम सभी को देते हैं ज्ञान
गुरु होते हैं सबसे महान।
वाल्मीकी जयंती के शुभ मौके पर
आओ अपने गुरु को करें प्रणाम।
वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं।
आपको ज्ञान मिले ऋषि वाल्मीकि से,
धन-दौलत-वैभव मिले मां लक्ष्मी से,
शक्ति मिले आदि शक्ति मां दुर्गा से,
सुख-शांति और उन्नति मिले प्रभु श्री राम से।
वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं।
गुरूवर वाल्मीकि ने ज्ञान की गंगा बहाई है,
क्या आपने उसमें डुबकी लगाई है।
वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं।
गुरु का दिया ज्ञान जीवन रुपी नाव को पार लगाता है,
सत्य का ज्ञान देकर सुखमय जीवन जीना सिखाता है।
वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं।