छोटी-छोटी अनदेखियां ही बनती हैं अक्सर तलाक का कारण
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तलाक के ज्यादातर मामलों में यहीं बात सामने आई है कि उन्हें अपने पार्टनर के प्रति पहले जैसा प्यार और लगाव महसूस नहीं हो रहा था इसलिए उन लोगों के बीच तलाक हो गया।
ज्यादातर पार्टनर एक दूसरे से बात करने को ही तलाक का कारण मानते हैं। ऐसे लोगों का कहना होता है कि अक्सर हमारे बात करने का ढंग इतना अलग होता है कि हम कम बात करते हैं। जिसकी वजह आगे चलकर तलाक की नौबत बन जाती है।
तलाक के लिए बहुत से लोगों का मनना है कि उन लोगों में एक दूसरे के प्रति सहानुभूति, आदर और सम्मान नहीं था। ये बातें बताती हैं कि ज्यादातर लोगों के तलाक का कारण इमोशनल है। क्योंकि वर्तमान समाज में लोगों के लिए निजी संतुष्टि काफी महत्वपूर्ण हो गई है। अगर शादी में उन्हें संतुष्टि नहीं मिल रही या पार्टनर्स को लगता है कि उनके बीच रोमांस खत्म हो गया है तो वे तलाक को स्वीकार्य विकल्प के रूप में देखते हैं।
बहुत से कपल क्योंकि बिना सोचे-समझे कम उम्र में ही शादी कर लेते हैं जिसकी वजह से उन लोगों में शादी के कुछ सालों बाद यानी की मुश्किल से आठ से दस साल बाद ही तलाक के बारे में सोचने लगते हैं।