जीवन में मां का स्थान कभी कोई नहीं ले सकता और न ही मां जितना प्यार कभी किसी रिश्ते से हासिल हो सकता है लेकिन जब आप किसी से प्रेम करने लगते हैं तो आपका मन सामने वाले व्यक्ति से जुड़ी हर बात, हर पसंद-नापसंद, हर रिश्ते को अपनाने लगता है। जब आप किसी घर की बहू बनने जा रही होती हैं तो आपकी कोशिश यही रहती है कि आपने जिस तरह अपने हमसफर को स्वीकारा है, उसी तरह आप उस घर के हर सदस्य को भी अपना लें। अधिकांश घरों में विवाह के बाद सास और बहू का रिश्ते अक्सर उतार-चढ़ाव से गुजरता है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप शुरुआत से ही कुछ ऐसी चीजें करें कि आपका और आपकी सास का रिश्ता मां-बेटी जैसा हो जाए। अगली स्लाइड्स से जानिए किन चीजों को करने से आपको मिलने लगेगा सास का दुलार।
सास के साथ मां जैसा रिश्ता रखने के लिए आजमाएं ये तरीके, खूब मिलेगा दुलार
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न करें तुलना
विवाह के बाद भूलकर भी आप अपनी सास की तुलना अपनी मां से न करें। मन में पहले ही गांठ बांध लें कि आपकी सास की व्यवहार आपकी मां से बहुत अलग होगा। इसलिए बेहतर है कि उनकी तुलना करने की बजाय उनको करीब से जानने का प्रयास करें, उनकी बातों को सुनें और समझने का प्रयास करें। यदि आप चाहती हैं कि वे आपकी मां बन जाएं तो आप भी उनसे बेटी की तरह ही पेश आएं। शुरु से ही उनसे अपनापन रखें।
उनकी बातों को मानें
यदि शादी के शुरुआती दिनों में आपकी सास आपको घर की परंपराओं के बारे में बताती हैं या घर में बनने वाले व्यंजनों के बारे में बताती हैं तो उनकी बातों को सुनें और आत्मसात कर लें। ऐसा करने से आपकी सास आपसे बहुत खुश रहेंगी लेकिन यदि आपने ऐसा सोचा कि हर बात पर क्यों वे आपको सिखाती रहती हैं तो ये बात आप दोनों के बीच दूरियां ला सकती है। इस बात को दिमाग में रखें कि वे उस घर में लंबे समय से रह रही हैं, वे आपसे अधिक जानती हैं इसलिए आपको बता रही हैं।
अपनी चीजें साझा करें
जिस प्रकार आप बिना सोच- विचारकर घर पर अपनी मां से कोई भी नई चीज साझा करती थीं, उसी प्रकार सासु मां से भी अपने आभूषण, वस्त्र आदि साझा करें। जब वे देखेंगी कि आप अपनी नई चीजों को खुशी- खुशी उनसे साझा कर रही हैं तो वे आपसे बहुत प्यार करने लगेंगी और उनके आभूषण आदि भी वे आपसे साझा करेंगी। ऐसा करने से आप दोनों के बीच अनकही आपसी समझ पैदा होने लगेगी।
वे जैसी हैं, उन्हें वैसा स्वीकारें
यदि आप खुद में परिवर्तन नहीं लाना चाहते तो फिर किसी अन्य व्यक्ति को बदलने का प्रयास भी न करें। आपकी सास का जो स्वभाव है, वो बरसो से है, ऐसे में यदि आप उसे एक दिन में बदलने का प्रयास करेंगी तो उन्हें बुरा तो लगेगा ही इसलिए बेहतर है कि उन्हें उनकी पसंद-नापसंद, अच्छाई-बुराई के साथ स्वीकारें। यदि आप ऐसा करेंगी तो यकीन मानिए वे कभी भी आप पर किसी बात के लिए रोक-टोक नहीं लगाएंगी।