हर मां-बाप अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देने की पूरी कोशिश करते हैं। लेकिन आपके बच्चे उस बात को कितना समझ रहे हैं ये आपकी परवरिश देने के तरीके पर निर्भर करता है। सभी का सीखने का तरीका अलग होता है इसलिए जरुरी नहीं की आप मां-बाप हैं तो आपका हर तरीका सही ही हो। अगर आप भी आपने बच्चे को सीख देने का गलत तरीका अपना रहे हैं तो 'BAD PARENTING की लिस्ट में आ सकते हैं। बेहतर होगा कि आपको पहले से मालूम हो पेरेंटिंग के कौन से तरीके गलत हैं।
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कहीं आप भी ना आ जाएं 'बैड पेरेंटिंग' की लिस्ट में, भूलकर भी बच्चों के साथ ना करें ऐसा व्यवहार
Wed, 22 May 2019 10:31 AM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Wed, 22 May 2019 10:31 AM IST
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दूसरों से तुलना करना
हर बच्चा, अपने आप में यूनीक होता है। कोई पढ़ाई में बेस्ट होता है तो कोई कलरिंग में, कोई गीत-संगीत में तो कोई डांसिंग में तो कोई स्पोर्ट्स में। अपने बच्चे के टैलेंट को पहचानें और उसकी तुलना दूसरे बच्चों से न करें। खासकर स्कूल एग्जाम के रिजल्ट्स के वक्त अपने बच्चे के रिजल्ट की तुलना दूसरे बच्चों से न करें। ऐसा करने से आप बच्चे पर बेवजह का स्ट्रेस और प्रेशर क्रिएट करते हैं।
हर बच्चा, अपने आप में यूनीक होता है। कोई पढ़ाई में बेस्ट होता है तो कोई कलरिंग में, कोई गीत-संगीत में तो कोई डांसिंग में तो कोई स्पोर्ट्स में। अपने बच्चे के टैलेंट को पहचानें और उसकी तुलना दूसरे बच्चों से न करें। खासकर स्कूल एग्जाम के रिजल्ट्स के वक्त अपने बच्चे के रिजल्ट की तुलना दूसरे बच्चों से न करें। ऐसा करने से आप बच्चे पर बेवजह का स्ट्रेस और प्रेशर क्रिएट करते हैं।
बात-बात पर डांटना या धमकाना
गलतियां करना सामान्य हैं। बच्चों की गलतियों पर पैरंट्स उन्हें बार-बार डांटें या किसी एक गलती पर जरूरत से ज्यादा ना डांटें। ऐसा करने से बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ता है। अगर आप बात-बात पर बच्चे को डांटेंगे या धमकाएंगे तो बच्चा आपसे सच बोलना और आपके सामने अपनी गलती मानना बंद कर देगा।
गलतियां करना सामान्य हैं। बच्चों की गलतियों पर पैरंट्स उन्हें बार-बार डांटें या किसी एक गलती पर जरूरत से ज्यादा ना डांटें। ऐसा करने से बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ता है। अगर आप बात-बात पर बच्चे को डांटेंगे या धमकाएंगे तो बच्चा आपसे सच बोलना और आपके सामने अपनी गलती मानना बंद कर देगा।
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प्यार न दिखाना
आप बच्चे से भले ही कितना भी प्यार क्यों न करते हों लेकिन बच्चे के सामने प्यार जताना जरूरी है। बच्चे को प्यार से लगे लगाना, माथे को चूमना- यह सब प्यार जताने के तरीके हैं और ऐसा करना भी बेहद जरूरी है ताकि बच्चा आपके इमोशनली कनेक्टेड महसूस करे। आप बच्चे से कितना प्यार करते हैं ये बच्चे को दिखना चाहिए।
आप बच्चे से भले ही कितना भी प्यार क्यों न करते हों लेकिन बच्चे के सामने प्यार जताना जरूरी है। बच्चे को प्यार से लगे लगाना, माथे को चूमना- यह सब प्यार जताने के तरीके हैं और ऐसा करना भी बेहद जरूरी है ताकि बच्चा आपके इमोशनली कनेक्टेड महसूस करे। आप बच्चे से कितना प्यार करते हैं ये बच्चे को दिखना चाहिए।
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दूसरों के सामने डांटना
बच्चों को डिस्प्लिन में रखना और सही बात है लेकिन बहुत से माता-पिता की आदत होती है कि वे कभी नहीं देखते कि वे बच्चों को सबके सामने डांट देते हैं। किसी बाहर वाले के सामने बच्चे को डांटने या मारने की आदत पूरी तरह से गलत है। ऐसा करने से आपका बच्चा दूसरों के सामने शर्मिंदगी महसूस करने लगता है और इस वजह से बच्चे का आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगता है।
बच्चों को डिस्प्लिन में रखना और सही बात है लेकिन बहुत से माता-पिता की आदत होती है कि वे कभी नहीं देखते कि वे बच्चों को सबके सामने डांट देते हैं। किसी बाहर वाले के सामने बच्चे को डांटने या मारने की आदत पूरी तरह से गलत है। ऐसा करने से आपका बच्चा दूसरों के सामने शर्मिंदगी महसूस करने लगता है और इस वजह से बच्चे का आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगता है।