हमारे देश का राष्ट्रगान 'जन गण मन' को रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। रवींद्रनाथ टैगोर एक ऐसे अकेले कवि हैं, जिनकी दो रचनाएं दो देशों की राष्ट्रगान बनीं। बांग्लादेश का राष्ट्रीयगान 'आमार सोनार बांग्ला' के भी रचियता रवींद्रनाथ टैगोर ही हैं। साहित्य को देश से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नई पहचान दिलाने वाले पहले नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता में जोरासंको हवेली में हुआ था। रवींद्रनाथ टैगोर सिर्फ एक कवि ही नहीं बल्कि संगीतकार, चित्रकार और लेखक भी थे। इसके साथ रवींद्रनाथ टैगोर ने जीवन जीने को लेकर भी कई विचार दिए हैं। उनके बताएं विचारों पर चलकर जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। आइए जानते हैं रवींद्रनाथ टैगोर के कुछ खास अनमोल विचारों के बारे में...
जन्मदिन विशेष: जीवन जीने की नई राह दिखाते हैं रवींद्रनाथ टैगोर के अनमोल विचार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नवनीत राठौर
Updated Thu, 07 May 2020 07:30 AM IST
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