19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है। इस दिन गणेश जी का विसर्जन होता है तो वहीं भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है। ऐसे पवित्र मौके पर बहुत से लोग उपवास करते हैं। अगर आप भी उपवास रहते हैं तो ये जान लीजिए कि इस व्रत में क्या खाया जाता है। वैसे तो अनंत चतुर्दशी के व्रत में भी फलाहार ही किया जाता है। अनाज न खाकर लोग फल, दूध, दही, कुट्टू के आटे से बने व्यंजन या आलू की सब्जी व आलू को हलवा, मखाने की खीर आदि बना कर खा सकते हैं। उपवास में तेल और नमक भी अधिकतर लोग नहीं खाते हैं। जो लोग व्रत रहते हैं, वह आम तौर पर उपवास में घी में तले आलू खाते हैं, लेकिन अगर आप वहीं आलू खा कर ऊब गए हैं तो इस बार फलाहार में कुछ चटपटा और स्वादिष्ट बनाएं। अनंत चतुर्दशी के व्रत में अरबी कबाब बनाएं। तो चलिए जानते हैं स्वादिष्ट अरबी कबाब की रेसिपी।
अनंत चतुर्दशी 2021: अनंत चतुर्दशी में रखा है उपवास तो बनाएं ये फलाहार
अरबी कबाब बनाने के लिए सामग्री
500 ग्राम अरबी, एक चौथाई कप कुट्टू का आटा, दो चम्मच बारीक कटी अदरक, बारीक कटी हरी मिर्च, बारीक कटी हरी धनिया, व्रत वाला नमक और कबाब सेंकने के लिए घी
अरबी कबाब बनाने की रेसिपी
स्टेप 1- अरबी या घुइयां के कबाब बनाने के लिए सबसे पहले अरबी को अच्छे से धो लीजिए। इसके बाद कुकर में पानी और अरबी को डालकर उबाल लीजिए। उसे इतना उबालिए कि वह नरम हो जाए।
स्टेप 2- फिर कुकर से अरबी को निकाल कर ठंडा कर लीजिए। अब अरबी को छील लीजिए। छिली हुई अरबी को मसल लीजिये या फिर कद्दूकस भी कर सकते हैं।
स्टेप 3- अब एक छोटे कटोरे में मैश किए हुए अरबी में कुट्टू का आटा मिला लीजिए। इसके साथ ही कटी हुई अदरक, कटी हुई मिर्च, धनिया और स्वाद के अनुसार नमक, यह सारी सामग्री मिला लीजिए।
स्टेप 4- इस मिश्रण को अच्छे से गूंथ लीजिए। फिर इस मिश्रण की छोटी-छोटी लोई बना लीजिए। इन लोई को हल्के हाथ से दबाकर मन चाहा आकार दे सकते हैं। आप चाहें तो कबाब का आकार दे दीजिए या अंडाकार टिक्का बना लीजिए।
स्टेप 5- अब एक नॉन स्टिक तवे को गरम कीजिए। उसमें थोड़ा सा देसी घी डालिए। फिर मध्यम आंच में अरबी कबाब को रख कर अच्छे से तल लीजिए। कबाब को तब तक पकाइए जब तक वह हल्के सुनहरे रंग का ना हो जाए। आप इसे चटनी या दही के साथ खा सकते हैं।