इस साल हरतालिका तीज 18 सितंबर को है। सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का पर्व बेहद खास होता है। इस व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि इस दिन महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखी बनाने की मनोकामना और पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। सुहागिन महिलाओं के मायके से श्रृंगार का सामान, मिठाई, फल और कपड़े आदि भेजे जाते हैं। मायके से आए श्रृंगार के सामान से महिलाएं सोलह श्रृंगार करके तैयार होती हैं। सुहागिनों के श्रृंगार में मेहंदी का बहुत महत्व है। महिलाओं का श्रृंगार मेहंदी के बिना अधूरा माना जाता है। इसलिए महिलाएं पूजा से एक दिन पहले हाथों में मेहंदी रचाती हैं। इस दिन मेहंदी लगाने की एक खास वजह भी है। ये वजह माता पार्वती से जुड़ी हुई है। चलिए जानते हैं हरतालिका तीज पर सुहागिनों के मेहंदी लगाने के पीछे की कहानी।
Hartalika Teej 2023: हरतालिका तीज पर मेहंदी लगाने के पीछे छुपी है ये दिलचस्प कहानी, आसान शब्दों में यहां जानें
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Sat, 16 Sep 2023 09:21 AM IST
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