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कहानी वसंत पंचमी कीः जानिए कैसे शुरू हुआ मां सरस्वती की पूजा का यह पर्व

Sun, 10 Feb 2019 11:13 AM IST
रचना शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: रचना शर्मा Updated Sun, 10 Feb 2019 11:13 AM IST
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happy basant panchami 2019 date and time shubh muhurat saraswati puja
सरस्वती पूजा

बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित है। माता सरस्वती को बुद्धि और विद्या की देवी माना जाता है। इस महीने के दौरान मौसम काफी सुहावना हो जाता है। इस दौरान न तो ज्यादा ही गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड होती है और यही वजह है कि बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की खास पूजा की जाती है। इस दिन लोग अलग-अलग मूहर्त पर पूजा-पाठ करते हैं। आइए जानते हैं कब और किस तरह मां सरस्वती की वंदना करें।



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सरस्वती देवी

पूजा की शुभ मूहर्त
बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा की शुभ मूहर्त 9  फरवरी को 12:26 से 12;41 तक
बसंत पंचमी शुरूः 9 फरवरी 2019 को 12:25 से
बसंत पंचमी समाप्त- 02:08, 10 फरवरी 2019

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basant panchami

बसंत पंचमी है शुभ दिन
ज्योतिष के मुताबिक बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहर्त के तौर पर जाना जाता है और यही कारण है कि नए काम की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा दिन माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करना भी शुभ होता है। इतना ही नहीं इस दिन पीले पकवान बनाना भी काफी अच्छा माना जाता है। 

जानिए क्यों मनाई जाती है बसंत पंचमी
हिंदु पौराणिक कथाओं में प्रचलित एक कथा के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने संसार की रचना की। उन्होंने पेड़-पौधे, जीव-जन्तु और मनुष्य बनाए, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी रचना में कुछ कमी रह गई। इसीलिए ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे चार हाथों वाली एक सुंदर स्त्री प्रकट हुई। उस स्त्री के एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था। ब्रह्मा जी ने इस सुंदर देवी से वीणा बजाने को कहा। जैसे वीणा बजी ब्रह्मा जी की बनाई हर चीज़ में स्वर आ गया। तभी ब्रह्मा जी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती नाम दिया। वह दिन बसंत पंचमी का था। इसी वजह से हर साल बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती का जन्मदिन मनाया जाने लगा और उनकी पूजा की जाने लगी।

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Basant Panchami 2018

कैसे करें मां सरस्वती की पूजा
स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती की पूजा के साथ-साथ घरों में भी यह पूजा की जाती है। अगर आप घर में मां सरस्वती की पूजा कर रहे हैं तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
सुबह-सुबह नहाकर मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित करें। इसके बाद पूजा के समय मां सरस्वती की वंदना करें। पूजा स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबें रखें और बच्चों को भी पूजा स्थल पर बैठाएं। बच्चों को तोहफे में पुस्तक दें। इस दिन पीले चावल या पीले रंग का भोजन करें। 

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कामदेव रति

इस दिन कामदेव की भी होती है पूजा
कामदेव को प्रेम और काम का देवता माना गया है। कुछ लोग बसंत पंचमी के दिन कामदेव की पूजा करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार बसंत कामदेव के मित्र हैं। इसलिए कामदेव का धनुष फूलों का बना हुआ है। 

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