फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सेहत की बात: आपकी किडनी ठीक से काम कर रही है या नहीं? इन टेस्ट से लगा सकते हैं पता

Sun, 20 Sep 2026 08:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 20 Sep 2026 08:30 PM IST
सार

किडनी की सेहत जानने के लिए सिर्फ क्रिएटिनिन देखना पर्याप्त नहीं है। ईजीएफआर किडनी की फिल्टर करने की क्षमता का अनुमान देता है, जबकि यूएसीआर पेशाब में एल्ब्यूमिन यानी प्रोटीन की मौजूदगी बताता है। क्रिएटिनिन, ईजीएफआर और यूरिन एल्ब्यूमिन को साथ देखकर किडनी की स्थिति का बेहतर आकलन किया जाता है।

विज्ञापन
Kidney Health checkups Creatinine, eGFR and UACR Kidney Tests
किडनी की सेहत - फोटो : Amarujala.com/AI

किडनी भले ही हमारे शरीर का छोटा सा अंग है, पर इसकी हमारी सेहत में बड़ी भूमिका मानी जाती है। किडनी खून को साफ करने और शरीर के आंतरिक संतुलन को बनाए रखने का काम करते हैं। किडनी रोज हमारे शरीर का सारा खून छानती है और उसमें मौजूद यूरिया, क्रिएटिनिन, टॉक्सिन्स और अतिरिक्त पानी को पेशाब  के जरिए बाहर निकालती है। इतना ही नहीं, रेनिन जैसे हार्मोन और एंजाइम बनाकर किडनी ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी मदद करती है। ऐसे में किडनी में होने वाली किसी भी समस्या का असर संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला हो सकता है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से हमारे खान-पान और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, इसका किडनी की सेहत पर भी नकारात्मक असर देखा जा रहा है। किडनी की बीमारी की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआत में अक्सर लोगों को इसका पता ही नहीं चलता। कई बार इसका पता तब चलता है जब आप किसी दूसरी बीमारी की जांच के लिए टेस्ट कराते हैं। 

आइए जान लेते हैं कि आप कैसे पता कर सकते हैं कि किडनी स्वस्थ है या नहीं? आपको कौन से टेस्ट की जरूरत होती है?

Kidney Health checkups Creatinine, eGFR and UACR Kidney Tests
किडनी की समस्याएं - फोटो : Adobe stock

किडनी की सेहत का रखें ख्याल

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी की जांच की बात आते ही सबसे पहले क्रिएटिनिन का नाम सामने आता है। क्रिएटिनिन खून में बनने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है, जिसे किडनी फिल्टर करके बाहर निकालती है। किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर इसका स्तर बढ़ सकता है। लेकिन सिर्फ क्रिएटिनिन का स्तर देखकर किडनी की पूरी स्थिति को नहीं समझा जा सकता। 

किडनी की सेहत जानने के लिए डॉक्टर आमतौर पर यह भी देखते हैं कि किडनी खून को कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रही है और क्या किडनी के फिल्टर से प्रोटीन पेशाब में तो नहीं जा रहा?

यही वजह है कि डॉक्टर जरूरतों के आधार पर ईजीएफआर और यूएसीआर जैसे टेस्ट कराने की भी सलाह दे सकते हैं।

Kidney Health checkups Creatinine, eGFR and UACR Kidney Tests
किडनी की समस्याओं का कैसे पता लगाएं - फोटो : Freepik.com

क्रिएटिनिन बढ़ा तो नहीं रहता?

क्रिएटिनिन शरीर की मांसपेशियों के सामान्य कामकाज से बनने वाला अपशिष्ट पदार्थ है। किडनी इसे खून से निकालकर पेशाब के रास्ते बाहर करती है। 
 

  • हालांकि जब किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है तो खून में क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ने लग सकता है।
  • क्रिएटिनिन बढ़ने पर क्रॉनिक किडनी डिजीज औ किडनी फेलियर को खतरा हो सकता है, लेकिन सिर्फ क्रिएटिनिन लेवल देखकर किडनी की पूरी हालत का अंदाजा नहीं लगया जा सकता। 


शरीर में मांसपेशियों की मात्रा जैसे कारक भी क्रिएटिनिन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से डॉक्टर क्रिएटिनिन के आधार पर ईजीएफआर यानी एस्टिमेटेड ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन टेस्ट की भी सलाह दे सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Kidney Health checkups Creatinine, eGFR and UACR Kidney Tests
पेशाब की जांच - फोटो : Freepik.com

पेशाब की जांच

किडनी का काम सिर्फ बेकार पदार्थ बाहर निकालना नहीं है। किडनी खून में मौजूद जरूरी प्रोटीन को भी शरीर में बनाए रखती है। जब किडनी के फिल्टर को नुकसान होता है, तो एल्ब्यूमिन नाम का प्रोटीन पेशाब में आने लग सकता है। इसे एल्ब्यूमिनयूरिया कहा जाता है।
 

  • इसीलिए किडनी की जांच में यूएसीआर यानी यूरिन एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो भी महत्वपूर्ण है।
  • पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा को क्रिएटिनिन के मुकाबले मापता है। सामान्य तौर पर 30 मिलीग्राम प्रति ग्राम या उससे कम परिणाम सामान्य माना जाता है। इससे ऊपर का स्तर किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है।
  • डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी के जोखिम वाले लोगों में डॉक्टर इस जांच की नियमित सलाह दे सकते हैं।


किडनी के अन्य जांच

किडनी की जांच के लिए डॉक्टर यूरिन टेस्ट, यूएसीआर, सीरम क्रिएटिनिन और ईजीएफआर के साथ ब्लड यूरिया नाइट्रोजन, इलेक्ट्रोलाइट्स, ग्लूकोज और अन्य जांच भी करा सकते हैं। कौन-सा टेस्ट जरूरी है, यह व्यक्ति की उम्र, लक्षण और दूसरी बीमारियों पर निर्भर करता है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं किडनी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है, ऐसे लोगों को अपनी किडनी की सेहत पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed