क्षय रोग एक ऐसा रोग है जो कि रोग कीट के संक्रमण से फैलता है। टीबी न सिर्फ फेफड़ों को प्रभावित करता है बल्कि शरीर के अन्य अंग भी इससे प्रभावित होते हैं। ऐसे लोग जो पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हैं या जिनकी रोग- प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम है, ऐसे लोगों को सामान्य लोगों की अपेक्षा टीबी होने की आशंका अधिक रहती है। टीबी के विभिन्न लक्षण पाए जाते हैं, हालांकि इसके लक्षण इसके प्रकार पर भी निर्भर करते हैं। अगली स्लाइड्स से डॉ विकास रोहरा, जनरल फिजिशियन, आशादीप हॉस्पिटल, इंदौर से जानिए टीबी के प्रकार और इनसे बचने के उपाय।
World Tuberculosis Day 2021: जानिए टीबी के कितने होते हैं प्रकार और इनसे बचने के उपाय
हड्डी का टीबी
नाम से ही स्पष्ट है हड्डी का क्षय रोग सीधा हड्डी पर प्रभाव डालता है। इसकी पहचान इसलिए भी आसानी से की जा सकती है क्योंकि हड्डी में होने वाले क्षय रोग के कारण हडि्डयों में घाव पड़ जाते हैं जो कि इलाज के बाद भी आराम से ठीक नहीं होते। एक बार इस रोग के होने के बाद हड्डियां और मांसपेशियां बहुत कमजोर हो जाती हैं। अचानक से शरीर में जगह-जगह फोड़े-फुंसियां होना भी हड्डी क्षय रोग का लक्षण हैं।
पेट का टीबी
पेट का क्षय रोग अंदरूनी है इसलिए इसे पहचानना इतना आसान नहीं होता है। यह अंदर ही अंदर तकलीफ देना शुरू करता है और जब तक पेट के टी.बी के बारे में मरीज को पता चलता है तब तक तो कई मामलों में पेट में गांठें पड़ चुकी होती हैं। दस्त, पेट में उठने वाला असहनीय दर्द पेट के टीबी के लक्षण हैं।
फुफ्सीय टीबी
प्रारंभिक स्तर पर इस टीबी के लक्षण पहचानना इतना आसान नहीं होता है क्योंकि सामने से यह दिखाई नहीं पड़ते हैं। जब स्थिति बहुत गंभीर होने लगती है तब फुफ्सीय टी.बी. के लक्षण उभरने लगते हैं। फुफ्सीय टीबी के लक्षण व्यक्ति की उम्र और उसके शरीर की प्रकृति के अनुसार हर व्यक्ति में बदल जाते हैं। यह रोग किसी भी उम्र में हो सकता है। सिरदर्द होना, नाड़ी तेज चलना या सांस तेज चलना इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं।
टीबी से बचने के उपाय-
-टीबी एक संक्रमक रोग है इसलिए यदि आपको पता है कि किसी व्यक्ति को टीबी है तो जितना हो सके उससे दूरी बना कर रखें।
-टीबी से बचाव के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करें। ऐसे आहार लें जिसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स, मिनेरल्स, कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर हों क्योंकि इनके सेवन से आपकी रोग- प्रतिरोधक क्षमता सही रहेगी।
-दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहती है, तो लापरवाही न बरतें बल्कि तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से संपर्क करें।