वियाग्रा के बारे में सुनते ही अक्सर लोग मुंह छिपाने लगते हैं, शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि इसे सिर्फ शीघ्रपतन की समस्या के लिए उपयोग में लाई जाने वाली दवाई के रूप में जाना जाता है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो रुकिए, हाल ही में शोधकर्ताओं ने जो बताया है उसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। एक अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन पुरुषों को हृदय रोग की समस्या है, वियाग्रा का सेवन उनके उम्र को बढ़ा सकती है।
वियाग्रा एक ऐसी दवा है जो पुरुषों के जननांग में रक्त का संचार बढ़ा देती है, यही कारण है कि इसे शीघ्रपतन जैसी समस्याओं के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। आइए जानते हैं कि अध्ययन में विशेषज्ञों को और कौन सी बातों का पता चला?
स्वीडन के कोरोलिंस्का इंस्टिट्यूट में हुए अध्ययन को अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोध से जुड़े एक विशेषज्ञ का कहना है कि कोरोनरी आरट्री, हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में होने वाली ब्लॉकेज से संबंधी एक बीमारी है। धमनियों के संकीर्ण हो जाने पर, हृदय के कुछ हिस्सों में कम रक्त पहुंचता है जिससे रोगी को तनाव और थकावट जैसी समस्याओं का अनुभव हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि पुरुषों में शीघ्रपतन को हृदय रोगों के शुरुआती लक्षणों के रूप में देखा जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसी स्थिति में रोगी को पीडीई5 इन्हिबिटर्स दवाइयां दी जाती हैं। वियाग्रा ऐसी ही एक दवाई है। इन दवाइयों का मुख्य काम पीडीई 5 एंजाइम को बाधित करना होता है। इस अध्ययन के लिए विशेषज्ञों ने स्थिर कोरोनरी आरट्री बीमारी वाले पुरुषों को शामिल किया। यह सभी ऐसे रोगी थे जिन्हें पिछले 6 महीने में दिल का दौरा, बाईपास सर्जरी जैसे हृदय रोगों का सामना करना पड़ा था। शोधकर्ताओं ने पाया कि पीडीई5 अवरोधकों का सेवन करने वाले पुरुष न केवल लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं साथ ही उनमें हृदय संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा भी कम हो जाता है।
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विशेषज्ञों को फिलहाल किए गए इस अध्ययन में इस प्रकार के परिणाम देखने को मिले हैं लेकिन उनका कहना है कि इस बारे में अभी और विस्तार से शोध करने की आवश्यकता है। इतना ही नहीं यह भी सलाह दी गई है कि बिना डॉक्टर से पूछे कभी भी वियाग्रा जैसे पीडीई 5 अवरोधकों का सेवन न करें, इसके गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं।