हमारे शरीर के बाकी हिस्सों की तरह, आंखों को भी विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है, दुर्भाग्य से लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इस अंग पर कई प्रकार का नकारात्मक असर देखा जा रहा है। आलम ये है कि बहुत कम उम्र के लोगों में भी आंखों से संबंधित समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को आंखों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, विशेषकर उम्र बढ़ने के साथ आंखों से संबंधित बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है।
World Sight Day 2024: 50 की आयु तक आंखों की इन तीन बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा, लक्षणों को न करें अनदेखा
मोतियाबिंद सबसे आम समस्या
उम्र बढ़ने के साथ मोतियाबिंद की दिक्कत होने को सबसे आम समस्याओं में से एक माना जाता है, यह आंखों के लेंस के धुंधलापन की समस्या है जो कई वर्षों में धीरे-धीरे विकसित होती है। इसमें आंखों की सेंट्रल लाइन पर भी नकारात्मक असर होने लगता है, जिससे कम दिखाई देना शुरू हो जाता है। मोतियाबिंद की समस्या में सर्जरी की जरूरत होती है, इसलिए समय रहते लक्षणों पर ध्यान देना आवश्यक होती है।
ग्लूकोमा का बढ़ता खतरा
ग्लूकोमा उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस रोग का जोखिम कम उम्र के लोगों यहां तक कि बच्चों में देखी जा रही है। ग्लूकोमा आंखों की बीमारियों का एक समूह है, जो आंख के पीछे स्थित ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाकर दृष्टि हानि और अंधापन का कारण बन सकती है। इस रोग के लक्षण इतने धीरे-धीरे शुरू होते हैं कि शुरुआत में इसपर ध्यान भी नहीं जाता है।
ग्लूकोमा के कारण कम दिखाई देने के साथ आंखों-सिर में तेज दर्द, मतली या उल्टी लगना, रोशनी के चारों ओर रंगीन छल्ले दिखने और आंखों के लाल होने की समस्या हो सकती है।
एज रिलेटेड मैक्युलर डीजेनरेशन की स्थिति
जैसे-जैसे रेटिना की उम्र बढ़ती है, आंखों की कोशिकाओं में क्षति होने का खतरा बढ़ जाता है जिससे कि आंखों में रक्त आपूर्ति कम हो जाती है और प्रकाश के प्रति कम संवेदनशील हो सकती है। उम्र से इस समस्या को गंभीर माना जाता है जिसके कारण आंखों की रोशनी भी जाने का खतरा हो सकता है। आंखों की इस समस्या के कारण पढ़ने-लिखने या गाड़ी चलाने में मुश्किल हो सकती है।
कैसे रखें आंखों का ख्याल?
डॉक्टर कहते हैं, जिस तरह से आंखों की बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है ऐसे में जरूरी है कि आप कम उम्र से ही इस अंग को सेहतमंद रखने के लिए प्रयास करते रहें। इसके लिए आहार और लाइफस्टाइल दोनों को ठीक रखना जरूरी है। भोजन में विटामिन-ए और ई वाली चीजों के साथ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इसके साथ नियमित योग-व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाना भी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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