हर साल 10 अक्टूबर को ”विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस” मनाया जाता है। हम सभी को मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। अगर हम मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं रहेंगे तो हम किसी भी प्रकार का काम करने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। मानसिक विकास के लिए हमें बचपन से ही पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। जब बच्चे को बचपन से ही पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है , तब उनका मानसिक विकास पूरी तरह से नहीं हो पाता है। इसलिए हर माता-पिता की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों को बचपन में ही स्वस्थ आहार से परिचित कराएं।ऐसा करने से बच्चों का मानसिक विकास तेजी से होगा और वह मानसिक रूप से स्वस्थ भी रहेंगे।लेकिन कई बार बच्चे पौष्टिक आहार नहीं खाते हैं। लेकिन यह आपका फर्ज है कि आप उन्हें षौष्टिक आहार खिलाएं।आप चीजों को नया रूप देकर अपने बच्चे के आहार में शामिल कर सकते हैं। इससे बच्चे आसानी से चीजें खाने लगेंगे। आइए जानते हैं बच्चों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए कौन-से आहार जरूरी है।
World Mental Health 2019: बच्चा मानसिक रूप से रहेगा स्वस्थ, आहार में शामिल करें ये 4 चीजें
अपने बच्चे के आहार में सब्जियों का अत्यधिक इस्तेमाल करें। अगर आपका बच्चा हरी सब्जियां खाना पसंद नहीं करता है तो आप उसे किसी दूसरे रूप में सब्जियों का सेवन करवा सकते हैं। आप अपने बच्चों के लिए सब्जियों से भरपूर सैंडविच बनाकर भी खिला सकती हैं। इससे आपके बच्चे के मस्तिष्क को पोषक तत्व प्राप्त होंगे , जिससे आपके बच्चे का मस्तिष्क मजबूत रहेगा और उनका मानसिक विकास भी तेजी से होने लगेगा। इसके अतिरिक्त बच्चे मानसिक रूप से स्वस्थ भी रहेंगे।
आप अपने बच्चे को रोजाना एक फल जरूर खिलाएं। सेब , केले , अनार या फिर मौसमी फल अपने बच्चे के आहार का अहम हिस्सा बनाएं। अगर आप बच्चा फल खाना पंसद नहीं करता है तो आप उसे फलों को जूस या फिर रायता बनाकर भी खिला सकती हैं। डॉक्टर भी फल रोजाना फल खाने की सलाह देते हैं। फलों में कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो बच्चे के मानसिक विकास में मदद करते हैं।
आप अपने बच्चे को रोजाना काजू , बादाम , अखरोट खाने को दें। बादाम में विटामिन ई, फाइबर, मैग्निशियम, आयरन, पोटैशियम की मात्रा अधिक पाई जाती है। जिसकी वजह से बच्चे का दिमाग तेज होगा।
बच्चे नहीं बल्कि सभी को एक अंडा रोज खाना चाहिए। अंडा में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अपने बच्चे के आहार में अंडा जरूर शामिल करें। रोजाना अंडे के सेवन से बच्चे का दिमागी विकास तेजी से होने लगता है। अगर आपका बच्चा अंडा नहीं खाता है तो आप अंडे को दूसरे प्रकार से बना कर दे सकती हैं। अंडा बच्चों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक है।