हृदय स्वास्थ्य का ध्यान रखना सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, यह शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है जो ऑक्सीजन युक्त रक्त को बाकी हिस्सों में पंप करता है जिससे कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी जैसे जोखिम कारकों के चलते इस सबसे महत्वपूर्ण अंग पर कई प्रकार से नकारात्मक असर देखा जा रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों में हार्ट डिजीज के मामलों में बढ़ोतरी आई है, ऐसे में आवश्यक हो जाता है कि हम सभी अपनी जीवनशैली में समय रहते स्वस्थ बदलाव करें।
World Heart Day 2023: इन बीमारियों से पीड़ित हैं तो हो जाइए सावधान, आपको हृदय रोगों का खतरा अधिक
कोरोना संक्रमित रहे हैं तो हो जाइए सावधान
पिछले तीन साल से अधिक समय से वैश्विक स्तर पर कोरोना महामारी का जोखिम बना हुआ है, कुछ नए वैरिएंट्स के कारण बीते दिनों यूके-यूएस में फिर से संक्रमण का जोखिम बढ़ता देखा गया है। अध्ययनकर्ताओं की टीम ने बताया कि कोरोनावायरस के संक्रमण की स्थिति हृदय की सेहत को प्रभावित करने वाली पाई गई है। संक्रमितों में इसका जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।
कोरोना संक्रमितों में ब्लड क्लॉटिंग, हार्ट अटैक का खतरा भी अधिक रिपोर्ट किया जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जो लोग संक्रमण के शिकार रहे हैं उन्हें एहतियातन हृदय की जांच करा लेनी चाहिए।
हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी
उच्च रक्तचाप आपकी धमनियों में लोच की कमी को कम करके उन्हें सख्त बना देती है, जिससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति में हृदय में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह भी कम हो जाता है जिसे हृदय रोगों के प्रमुख कारक के तौर पर जाना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर की अनियंत्रित स्थिति हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का भी खतरा बढ़ाने वाली मानी जाती है, जिससे बचाव के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है।
डायबिटीज के कारण जोखिम
मधुमेह की स्थिति जिसमें ग्लूकोज का स्तर काफी बढ़ जाता है, ये आपकी रक्त वाहिकाओं और इससे संबंधित नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। समय के साथ, यह क्षति हृदय रोग का कारण बनने लगती है। मधुमेह से पीड़ित लोगों में, अन्य लोगों की तुलना में हार्ट डिजीज विकसित होने का खतरा दो गुना अधिक हो सकता है, यही कारण है कि इससे बचाव के लिए ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल दोनों को कंट्रोल में रखने की सलाह दी जाती है।
मोटापा बड़ा खतरा
अगर आपका वजन अधिक है तो यह शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली स्थिति हो सकती है। मोटापे के कारण हृदय रोगों का भी खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि वजन को कंट्रोल करके इस तरह के स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है। मोटापा, कई और क्रोनिक बीमारियों के लिए जोखिम कारक है इसे कंट्रोल में रखना बहुत आवश्यक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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