कैंसर का खतरा वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, लगभग सभी उम्र के लोग इसके शिकार पाए जा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चिंता जताते हुए कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में कैंसर के मामले और भी बढ़ सकते हैं, जिसको लेकर सभी लोगों को निरंतर सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
World Cancer Day 2024: आपकी भी हैं ऐसी गड़बड़ आदतें तो हो जाइए सावधान, बढ़ सकता है कैंसर का खतरा
मोटापा और कैंसर का खतरा
वजन की समस्या कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। विशेषतौर पर अधिक वजन और मोटापा कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि मोटापे की स्थिति कम से कम 13 प्रकार के कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है जिनमें एंडोमेट्रियल (गर्भाशय) कैंसर, स्तन कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर प्रमुख शामिल हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका में 42% वयस्कों को मोटापे की समस्या है। वजन को कम करके जोखिमों से बचाव में मदद मिल सकती है।
शराब-धूम्रपान का अधिक सेवन
अत्यधिक शराब-धूम्रपान के कारण भी आपको कैंसर का खतरा हो सकता है। अत्यधिक शराब पीने से लिवर को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचती है और लिवर कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। लिवर के साथ ये गड़बड़ आदत मलाशय, मुंह के कैंसर को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
शराब के साथ-साथ धूम्रपान या सेकेंडहैंड धूम्रपान को भी कैंसर कारक माना जाता है। ये फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारक है। इन दोनों आदतों से दूरी बनाकर 40 फीसदी तक कैंसर से बचाव किया जा सकता है।
आहार की गड़बड़ी
शरीर को स्वस्थ रखने और कई प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए आहार का स्वस्थ और पौष्टिक होना आवश्यक माना जाता है। आहार से संबंधित समस्याएं कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। असंतृप्त वसा से भरपूर आहार, मोटापे का खतरा बढ़ा सकती है जिससे कोलन, स्तन और प्रोस्टेट कैंसर का भी जोखिम होता है। स्मोक्ड और बहुत अधिक मसालेदार भोजन के कारण पेट के कैंसर विकसित होने का जोखिम हो सकता है।
कैंसर से करें बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़ती उम्र के साथ कैंसर का खतरा भी बढ़ने लग जाता है। आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर लोगों में कैंसर निदान की औसत आयु 66 वर्ष है। हालांकि समय के साथ कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा बढ़ते हुए देखा गया है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और स्क्रीनिंग जरूर की जाए।
बचाव के तरीकों को कम उम्र से प्रयोग में लाकर भी कैंसर को जोखिमों से बचाव करने में मदद मिल सकती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।