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कोराना वैक्सीन लेते समय इस बात का जरूर रखें ध्यान, वरना टीके से नहीं मिलेगा फायदा

Sun, 25 Jul 2021 11:37 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sun, 25 Jul 2021 11:37 AM IST
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why second dose of vaccine is needed, know what study says
कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक जरूरी - फोटो : पीटीआई

दुनियाभर में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर आशंका बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुतबिक तीसरी लहर से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीनेशन अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। इन सब के बीच लोगों के मन में वैक्सीन की खुराक को लेकर तरह-तरह के सवाल हैं। इसी से संबंधित हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि सभी लोगों को लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेना बेहद जरूरी है, संक्रमण से सुरक्षित रखने में दूसरी डोज से बनी मजबूत एंटीबॉडीज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन के अनुसार, कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक जरूर लेनी चाहिए, दूसरी डोज को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाना चाहिए। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह जानने की कोशिश की, कि वैक्सीन की दूसरी डोज प्रतिरक्षा प्रणाली को किस प्रकार से प्रभावित कर सकती है और कोरोना से सुरक्षा देने में इसकी क्या भूमिका हो सकती है? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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दूसरी डोज से बनती हैं शरीर में मजबूत एंटीबॉडीज - फोटो : PTI

एंटीबॉडीज को बढ़ाने के लिए आवश्यक है दूसरी डोज
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने कोविड वैक्सीन ले चुके 56 लोगों के ब्लड सैंपल का परीक्षण किया। इस सैंपल के आधार पर शरीर में बनीं एंटीबॉडीज की मात्रा, प्रतिरक्षा-संकेतक प्रोटीन के स्तर और जीनोम का परीक्षण किया। अध्ययन में शामिल ज्यादातर लोगों ने फाइजर (आरएनए) वैक्सीन लगवाई थी। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि वैक्सीन की पहली डोज शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज के स्तर को तो बढ़ा देती है। हालांकि वैक्सीन की दूसरी डोज इन पहले से बनी एंटीबॉडीज को शक्तिशाली बनाने के साथ इसकी मात्रा बढ़ाने के लिए काफी आवश्यक है। 

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तीसरी लहर से सुरक्षा के लिए जरूरी हैं टीके की दोनों खुराक - फोटो : Pixabay

दूसरी डोज के बाद बढ़ जाती हैं टी-कोशिकाएं
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद एंटीबॉडीज के उन अंशों का भी विकास हो जाता है जो सामान्यतौर पर पहली खुराक के बाद नहीं बन पाती हैं। इस बारे में स्टैनफोर्ड मेडिसिन के प्रोफेसर बाली पुलेंद्रन कहते हैं, वैक्सीन की पहली डोज की तुलना में दूसरे शॉट के बाद एंटीबॉडीज के स्तर में कई गुना तक वृद्धि देखने को मिली है। अध्ययन के दौरान पाया गया कि पहली डोज के बाद एंटीबॉडीज का टी-कोशिकाएं कम थी, हालांकि दूसरी खुराक के बाद इनमें तेजी से इजाफा देखने को मिला है। टी-कोशिकाओं को किलर कोशिकाओं के रूप में भी जाना जाता है जो शरीर में संक्रमित कोशिकाओं को ढूंढकर उन्हें नष्ट कर देती हैं, इससे संक्रमण पूरे शरीर में नहीं फैलने पाता है।

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दूसरी डोज के बाद फर्स्ट रिस्पॉन्डर कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं - फोटो : पीटीआई

फर्स्ट रिस्पॉन्डर कोशिकाओं का स्तर भी बढ़ा देती है दूसरी डोज
प्रोफेसर बाली पुलेंद्रन कहते हैं, वैक्सीन की दूसरी खुराक फर्स्ट रिस्पॉन्डर कोशिकाओं को भी बढ़ावा देने में काफी सहायक पाई गई हैं। वैक्सीन की पहली डोज के बाद जहां इन कोशिकाओं की मात्रा केवल 0.01 प्रतिशत थी, उसी में दूसरी डोज के बाद करीब 100 गुना तक बढ़ोतरी देखी गई है। यह कोशिकाएं  वायरल संक्रमणों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा प्रदान करने में विशिष्ट रूप से सक्षम होती हैं। इस आधार पर भी हम कर सकते हैं कि सभी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज हर हाल में लेनी चाहिए। 

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कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए जरूर लें दोनों डोज - फोटो : iStock

क्या हैं अध्ययन के निष्कर्ष
अध्ययन के निष्कर्ष में पुलेंद्रन और उनकी टीम का कहना है कि कोरोना के जिस तरह के म्यूटेटेड और अपेक्षाकृत अधिक घातक वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं, ऐसे में इनसे बचाव के लिए शरीर में मजबूत एंटीबॉडीज का होना काफी जरूरी हो जाता है। शरीर में एंटीबॉडीज तभी मजबूत हो पाएंगी जब सभी लोग कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लेंगे। कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रखने में वैक्सीन की दूसरी डोज की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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स्रोत और संदर्भ: 
अस्वीकरण नोट: यह लेख नेचर जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें। 

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