शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए आहार को पौष्टिक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। हम जो कुछ भी खाते हैं उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसी चीजें खाने की सलाह देते हैं जिससे शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों की जरूरत पूरी हो सके।
Healthy Eating: इस तत्व की कमी से धड़कनें हो जाती हैं असामान्य, नींद की भी रहती है समस्या तो हो जाइए सावधान
मैग्नीशियम हमारे शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक है। आइए जानते हैं कि जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है उन्हें किस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं?
मैग्नीशियम वाली चीजें जरूरी
अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों को प्रतिदिन आहार के माध्यम से 400-420 मिलीग्राम, वहीं महिलाओं को 310-320 मिलीग्राम मैग्नीशियम की जरूरत होती है। मैग्नीशियम व्यापक रूप से पौधे और पशुओं पर आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, बीन्स, सूखे मेवे, सीड्स और साबुत अनाज मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।
आइए जानते हैं कि जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है उन्हें किस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं?
मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी
मैग्नीशियम की कमी मांसपेशियों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है, जिससे उनमें ऐंठन, कमजोरी और थकान हो सकती है। यह मांसपेशियों के संकुचन और उनके आराम करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैग्नीशियम की कमी में पैर, हाथ और पेट की मांसपेशियों ऐंठन की समस्या सबसे अधिक देखी जाती है। इसके अलावा आप अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस कर सकते हैं।
हृदय संबंधी समस्याएं
मैग्नीशियम दिल की धड़कन और रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए भी जरूरी है। इसकी कमी से दिल की धड़कन असामान्य हो सकती है और रक्तचाप बढ़ सकता है। इस तरह की स्थिति अगर लंबे समय तक बनी रहती है तो इसके कारण दिल के दौरे, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। अध्ययन बताते हैं कि मैग्नीशियम की उचित मात्रा दिल को स्वस्थ रखने के लिए बहुत आवश्यक है।
अनिद्रा और नींद की समस्या
मैग्नीशियम मस्तिष्क में गाबा नामक न्यूरोट्रांसमीटर को सक्रिय करता है, जो मन की शांति और अच्छी नींद प्राप्त करने के लिए जरूरी है। जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है उनमें अनिद्रा या नींद न आने की समस्या बढ़ सकती है। यह व्यक्ति की नींद के चक्र को बाधित करता है। अच्छी नींद न मिल पाने के कारण तनाव और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का जोखिम भी काफी बढ़ सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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