राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर सहित कई राज्य इन दिनों वायु प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। हवा में बढ़ते प्रदूषक सांस के माध्यम से शरीर में पहुंचकर कई प्रकार की बीमारियों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण सांस से संबंधित समस्याओं का जोखिम तो बढ़ता ही है साथ ही ये हृदय रोग, फेफड़ों में संक्रमण सहित कई अन्य प्रकार की समस्याओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। प्रदूषण के कारण प्रारंभिक स्थिति में आंखों में जलन, लालिमा और खुजली होने की समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती रही है।
Air Pollution: प्रदूषण के कारण आंखों में हो रही है जलन और खुजली? इन उपायों से पा सकते हैं आराम
- आंखें हमारे शरीर की सबसे नाजुक अंग हैं।
- आंखें बाहरी वातावरण के संपर्क में सबसे ज्यादा रहती हैं इसलिए इन्हें वायु प्रदूषण के प्रति अधिक संवेदनशील भी माना जाता है।
- प्रदूषित हवा में रहने के कारण आंखों में लालिमा, जलन और खुजली की दिक्कत हो सकती है।
प्रदूषण का आंखों पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिल्ली और आस-पास के इलाकों में जहरीले वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। प्रदूषण के कारण होने वाली समस्याओं को लेकर किए गए कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सेहत के लिए एक दिन में चालीस सिगरेट पीने जितनी खराब है।
हमारी आंखें पर्यावरण में मौजूद हानिकारक रसायनों के सबसे अधिक सीधे संपर्क में आती हैं। प्रदूषण और स्मॉग के कारण आंखों में एलर्जी और आंखों को क्षति होने का भी खतरा रहता है।
आंखों में होने वाली समस्याएं
वायु प्रदूषण/धुंध के कारण आंखों में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। इसमें आंखों से पानी आना, जलन होना, दर्द और लालिमा, सूजन की समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती हैं। प्रदूषण के कारण ड्राई आइज होने का खतरा भी काफी बढ़ सकता है जिसमें आंखों में सूखापन, किरकिरापन या ऐसा महसूस हो सकता है जैसे आंख में कोई कण पड़ा हो। इसी तरह आंखों में एलर्जी के कारण खुजली, लालिमा, आंखों से पानी आने, पलकों में सूजन, धुंधला दिखने और संक्रमण का जोखिम भी बढ़ जाता है।
अगर आपको भी ये दिक्कतें हो रही हैं तो कुछ आसान से उपाय करके लाभ पा सकते हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉक्टर कहते हैं, सबसे जरूरी है कि आंखों को हानिकारक प्रदूषकों के संपर्क में आने से बचाना होगा। जिन दिनों प्रदूषण का स्तर अधिक होता है उसमें विशेष सावधानी बरतें। घर के अंदर रहें, खासकर सुबह के समय जब प्रदूषण का स्तर अपने चरम पर होता है। यदि आपको बाहर निकलना पड़ता है, तो सुरक्षात्मक चश्मा पहनें जिससे आंखों को प्रदूषकों के सीधे संपर्क में आने से बचाया जा सके। जिन लोगों को पहले से ही आंखों से संबंधित कोई दिक्कत है उन्हें और भी अलर्ट रहना चाहिए।
आंखों में हो रही हों दिक्कतें तो क्या करें?
आंखों में किसी भी तरह की दिक्कत होने की स्थिति में कुछ उपाय कर सकते हैं।
- अपने हाथों को बार-बार धोएं और आंखों को छूने से बचें।
- शरीर को हाइड्रेटेड रखें, यह पर्याप्त आंसू बनाने में मदद करेगा। ऐसा करके ड्राई आइज की समस्या से बचा जा सकता है।
- आंखों में जलन या खुजली होने पर इसे रगड़ें नहीं। साफ पानी से आंखों को धोएं।
- ज्यादा दिक्कत होने पर किसी डॉक्टर की सलाह पर आई ड्रॉप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- मोबाइल फोन और लैपटॉप या किसी स्क्रीन वाली डिवाइस के अत्यधिक उपयोग से बचें, इससे भी ड्राई आइज का खतरा बढ़ सकता है।
- बाहर जाते समय धूप का चश्मा पहनें जो आंखों को कवर करती हों।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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