शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना आहार के माध्यम से हमें कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, पर क्या आप इसकी पूर्ति कर पा रहे हैं? अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि शरीर में विटामिन्स और पोषक तत्वों की कमी कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। अक्सर हम सभी प्रोटीन्स और विटामिन्स की तो बात करते हैं, पर अन्य आवश्यक तत्वों पर चर्चा नहीं की जाती है।
Nutrition: तनाव से लेकर हार्टबीट की समस्या तक, इस पोषक तत्व की कमी के हो सकते हैं कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिम
शरीर के लिए जरूरी है मैग्नीशियम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने की स्थिति की अक्सर पहचान नहीं हो पाती है, क्योंकि इसके स्पष्ट संकेत आमतौर पर तब तक प्रकट नहीं होते हैं जब तक यह शरीर में गंभीर रूप से कम न हो जाए। मधुमेह, पोषक तत्वों के अवशोषण की समस्या, क्रोनिक दस्त और सीलिएक डिजीज जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। शराब पीने वाले लोगों में इसकी कमी का खतरा बढ़ जाता है।
आइए जानते हैं कि मैग्नीशियम की कमी होने के किस प्रकार के स्वास्थ्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं का बन सकता है कारण
मैग्नीशियम की कमी होने की स्थिति को कई प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाला पाया गया है। शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि अक्सर उदासीनता बने रहना, भावनात्मक समस्याओं का होना भी मैग्नीशियम की कमी होने का संकेत हो सकता है। समीक्षा अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स का सेवन स्ट्रेस की समस्या से परेशान रहने वाले लोगों को लाभ पहुंचा सकती है।
दिल की अनियमित धड़कन
दिल के धड़कन की अनियमितता भी मैग्नीशियम की कमी होने का एक संकेत हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह समस्या लंबे समय तक बिना लक्षणों के भी हो सकती है, हालांकि इसके बहुत गंभीर लक्षण होने की भी आशंका रहती है। दिल की धड़कन में अक्सर अनियमितता की समस्या बने रहने को हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर जाना जाता है। गंभीर मामलों में यह स्थिति स्ट्रोक या हार्ट फेलियर का खतरा भी बढ़ा सकती है।
थकान और मांसपेशियों में कमजोरी
थकान की समस्या शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की हो सकती है, इसका सीधा सा मतलब है कि आपको आराम करने की जरूरत है। हालांकि, अगर आपको अक्सर थकान या कमजोरी महसूस होती रहती है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। इस तरह के लक्षण मैग्नीशियम की कमी से भी संबंधित हो सकते हैं। लो-मैग्नीशियम का स्तर तंत्रिका सिग्नलिंग और मांसपेशियों की कोशिकाओं की समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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