क्या थोड़ी देर मेहनत के बाद आपकी भी सांस फूलने लग जाती है? ऐसा लगता है जैसा कि सांस लेना भी कठिन हो रहा है?
अलर्ट: सांस फूलना शरीर का साइलेंट अलार्म तो नहीं? इसे बस कमजोरी समझना पड़ सकता है भारी
Breathlessness Problem: बार-बार या बिना ज्यादा मेहनत के सांस फूलना सिर्फ कमजोरी नहीं है। अस्थमा, सीओपीडी, निमोनिया, फेफड़ों की फाइब्रोसिस जैसी समस्याओं में ये लक्षण दिख सकते हैं। अचानक या लगातार सांस फूलने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, धूम्रपान, प्रदूषण, संक्रमण और लंबे समय तक धूल-धुएं के संपर्क में रहने से फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। समय के साथ ये गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा देती हैं जिससे आपको सांस की दिक्कत होने लगती है।
अस्थमा की समस्या
अस्थमा में सांस की नलियों में सूजन और संकुचन हो जाता है, जिससे हवा का अंदर-बाहर जाना मुश्किल हो सकता है। इसके कारण सांस फूलने के साथ, सीने में जकड़न, खांसी और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आने की समस्या हो सकती है।
- आमतौर पर धूल-धुआं, परागकण, ठंडी हवा या एलर्जी के कारण ये दिक्कतें ट्रिगर हो सकती है। अगर सांस फूलने के साथ बार-बार खांसी या घरघराहट होती है, तो इसकी समय रहते जांच जरूर करा लें।
फेफड़ों की क्षमता कम कर देती है सीओपीडी
सीओपीडी यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज फेफड़ों की ऐसी बीमारी है जिसके कारण सांस की नलियों में रुकावट की समस्या बनी रह सकती है। धूम्रपान की आदत को इसका सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है। लंबे समय तक धूल, धुआं और वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से भी खतरा बढ़ सकता है।
- सीओपीडी के कारण लगातार सांस फूलने के साथ बलगम वाली खांसी और जल्दी थक जाने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। बीमारी बढ़ने पर सामान्य काम करते समय भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
निमोनिया में होने वाली दिक्कतें
निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है। इसमें फेफड़ों की छोटी-छोटी वायु थैलियों में सूजन और तरल जमा हो जाता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने में परेशानी हो सकती है। इसके कारण सांस फूलने, खांसी-बुखार के साथ सीने में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- बच्चों-बुजुर्गों और पहले से फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों में निमोनिया ज्यादा गंभीर हो सकता है। इसलिए अचानक सांस फूलने के साथ तेज बुखार या सीने में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
फेफड़ों के अलावा इन समस्याओं के कारण भी सांस में होती है दिक्कत
- हार्ट कमजोर होने या हार्ट फेलियर में शरीर तक पर्याप्त रक्त पहुंचाने में दिक्कत होती है, जिससे थोड़ी मेहनत में सांस फूल सकती है।
- हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, जिससे कमजोरी और सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
- थायरॉइड हार्मोन बढ़ने पर धड़कन तेज होने, बेचैनी और सांस फूलने की दिक्कत महसूस हो सकती है।
- शरीर का वजन ज्यादा होने पर रोजमर्रा के काम में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे जल्दी सांस चढ़ सकती है।
- तनाव और घबराहट के दौरान तेज सांस चलने, सीने में जकड़न जैसा महसूस हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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