हृदय रोगों का खतरा सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। कुछ दशकों पहले तक हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था हालांकि अब कम आयु के, यहां तक कि 30 से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। जिन कारकों को इस समस्या के लिए जिम्मेदार माना जाता है उनमें ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर प्रमुख है।
Cholesterol: ये चार आदतें बैड कोलेस्ट्रॉल की कर देंगी छुट्टी, हृदय की बीमारियां भी रहेंगी दूर
कोलेस्ट्रॉल और इसके जोखिम कारक
कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता है- गुड और बैड। रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होने से हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल मुख्य रूप से वसायुक्त भोजन खाने, पर्याप्त व्यायाम न करने, अधिक वजन होने, धूम्रपान करने और शराब पीने के कारण होता है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
आइए जानते हैं कि किन आदतों को अपनाकर बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम किया जा सकता है?
आहार में करें बदलाव
आहार में कुछ प्रकार के बदलाव कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार हो सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप भोजन से सैचुरेटेड फैट (संतृप्त वसा) वाली चीजों को कम करें। संतृप्त वसा, जो मुख्य रूप से रेड मीट और फुल फैट वाले डेयरी उत्पादों में पाए जाते हैं, ये कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं।
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं। ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थों में फैटी फिश, अखरोट और अलसी के बीज शामिल हैं।
बढ़ाएं फाइबर की मात्रा
अपने आहार में घुलनशील फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। घुलनशील फाइबर आपके रक्तप्रवाह में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में मददगार हो सकता है। घुलनशील फाइबर ओटमील, राजमा, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, सेब और नाशपाती जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
इसी तरह से प्रोटीन वाली चीजों को भी आहार का हिस्सा बनाना हृदय को स्वस्थ रखने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है।
जरूर करें नियमित व्यायाम
व्यायाम और अपनी शारीरिक गतिविधि बढ़ाना भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल रखने का प्रभावी तरीका हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि व्यायाम की मदद से कोलेस्ट्रॉल में सुधार किया जा सकता है। मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) यानी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकती है। डॉक्टर की सलाह से रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें।