शरीर के सभी अंगों को ठीक से काम करते रहने के लिए नियमित रूप से ऑक्सीजन युक्त रक्त की आवश्यकता होती है। बिना ऑक्सीजन के अंगों की कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने और ऑर्गन फेलियर का खतरा हो सकता है। सभी अंगों तक निरंतर ऑक्सीजन पहुंचता रहे, इसके लिए जरूरी है कि आपके फेफड़े स्वस्थ हों और ठीक तरीके से काम करते रहें।
Lungs Problem: फेफड़ों की बीमारियों का संकेत हो सकते हैं ऐसे छोटे-छोटे लक्षण, बिल्कुल न करें इन्हें अनदेखा
फेफड़ों की बीमारियां हो सकती हैं खतरनाक
आंकड़ों से पता चलता है कि फेफड़ों से संबंधित तमाम प्रकार की बीमारियों के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज (सीआरडी) दुनियाभर में मौत का तीसरा प्रमुख कारण है, साल 2019 में लगभग 4 मिलियन (40 लाख) लोगों की इसके कारण मौत हो गई। बढ़ता वायु-प्रदूषण और धू्म्रपान की आदत को इन बीमारियों के लिए प्रमुख कारक माना जाता है। बच्चों को भी इस गंभीर समस्या का शिकार पाया जा रहा है।
आइए फेफड़ों की बीमारियों या सीआरडी के शुरुआती संकेतों के बारे में जानते हैं।
लंबे समय से खांसी बने रहने
अगर आपको आठ सप्ताह या उससे ज्यादा समय से खांसी है, तो इसे क्रोनिक कफ की दिक्कत माना जाता है। यह एक महत्वपूर्ण शुरुआती लक्षण है जो बताती है कि आपके श्वसन तंत्र में कुछ गड़बड़ है। अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (सीओपीडी) हो या टीबी जैसी गंभीर श्वसन समस्या, इन सभी में खांसी होते रहना प्रमुख लक्षण रहा है। इसमें डॉक्टरी सलाह जरूरी है।
इसके अलावा यदि आपको खांसी के साथ खून आने की दिक्कत हो रही है, तो इसे भी गंभीर स्वास्थ्य संकेत माना जाता है, जिसमें आपातकालीन चिकित्सा प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है। ऐसे लक्षणों को अनदेखा न करें।
बिना किसी मेहनत के सांस फूलना
व्यायाम करने के बाद, लंबे समय तक वॉक करने या किसी मेहनत का काम करने के बाद सांस फूलना सामान्य है। हालांकि बहुत कम या बिना किसी मेहनत के सांस फूलना फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है। इसके साथ आपको सांस लेने में तकलीफ या कठिनाई महसूस हो सकती है। इस तरह की दिक्कतें गंभीर श्वसन बीमारियों का संकेत मानी जाती हैं, जिनपर तुरंत ध्यान दिया जाना जरूरी हो जाता है।
बलगम बनना और घरघराहट होना
बलगम जिसे कफ भी कहा जाता है, ये संक्रमण या जलन के खिलाफ बचाव के रूप में वायुमार्ग द्वारा निर्मित सुरक्षाकवच है। यदि आपको कुछ दिनों से बहुत अधिक बलगम आ रहा है तो ये स्पष्ट संकेत है कि फेफड़ों या श्वसनमार्ग में कोई संक्रमण हो सकता है। संक्रमण के लक्षणों को अनदेखा करने से इसके फैलने का खतरा रहता है, इसलिए एक हफ्ते से अधिक बलगम-खांसी की दिक्कतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है।
इसके अलावा सांस लेने के दौरान अगर फेफड़ों से घरघराहट की आवाज आती है तो ये संकेत हो सकता है कि कुछ असामान्य आपके फेफड़ों के वायुमार्ग को अवरुद्ध कर रहा है। समय रहते इस तरह के लक्षणों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Warning Signs of Lung Disease
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