Aneurysm Risk: जब भी हृदय रोगों की बात होती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में हार्ट-अटैक या कार्डियक अरेस्ट की तस्वीर सामने आती है, पर हृदय रोग यहीं तक सीमित नहीं है। ये एक व्यापक स्वास्थ्य समस्या है जिसके बारे में समझना सभी लोगों के लिए जरूरी हो गया है।
Aneurysm: दिल और दिमाग दोनों का दुश्मन है 'एन्यूरिज्म', हार्ट अटैक-स्ट्रोक का बढ़ा देता है खतरा
- हर साल दुनिया भर में लाखों लोग एन्यूरिज्म की वजह से स्ट्रोक या हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं। समस्या यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं या कई बार बिल्कुल नहीं दिखाई देते, जिसके कारण इस तरफ लोगों का ध्यान भी कम जाता है।
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एन्यूरिज्म की बढ़ती दिक्कत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो एन्यूरिज्म की दिक्कत किसी को भी हो सकती है, पर कुछ स्थितियों में इसका खतरा बढ़ जाता है।
40 साल से ऊपर के लोग, धूम्रपान करने वाले, हाई ब्लड प्रेशर के शिकार और जिनके परिवार में पहले से हृदय रोगों का इतिहास रहा हो, उनमें इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
यहां समझना जरूरी है कि एन्यूरिज्म दिल या दिमाग किसी भी नस में हो सकता है। एन्यूरिज्म दिमाग में हो तो स्ट्रोक का खतरा और अगर यह हृदय की धमनियों में हो तो हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
एन्यूरिज्म के जोखिमों को जानिए
हार्वर्ड की रिपोर्ट बताती है कि जब शरीर की कोई धमनी बहुत ज्यादा कमजोर हो जाती है, तो उसमें गुब्बारे जैसी सूजन बनने लगती है, इसे एन्यूरिज्म कहा जाता है। कई बार ये सूजन इतनी बड़ी भी हो जाती है कि धमनी फट सकती है। अगर यह फट जाए तो अचानक रक्तस्रोव हो सकता है जो जानलेवा हो सकती है।
अध्ययनों से पता चला है कि पुरुषों में एन्यूरिज्म की समस्या महिलाओं की तुलना में लगभग 2-3 गुना अधिक पाया गया है। जो लोग धूम्रपान करते हैं और लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे है, उनमें धमनियों की समस्या अधिक देखी जाती रही है। हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, और मोटापा से भी इसका खतरा बढ़ सकता है।
एन्यूरिज्म को कैसे पहचानें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एन्यूरिज्म की शुरुआती स्थिति में कोई विशेष लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कुछ संकेत हैं जिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
- अगर यह दिमाग में हो तो अक्सर बहुत तेज सिरदर्द, उल्टी आने, आंखों में धुंधलापन या बोलने में दिक्कत जैसी समस्या हो सकती है।
- अगर यह दिक्कत दिल की धमनी में हो तो सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और धड़कनों का तेज होना महसूस हो सकता है।
- पैरों की धमनी में एन्यूरिज्म हो तो चलने में दिक्कत, पैरों में दर्द और सूजन जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
इससे बचाव के लिए क्या किया जाए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक रखकर आप इसके जोखिमों से बचे रह सकते हैं।
एन्यूरिज्म से बचाव के लिए धूम्रपान को छोड़ना सबसे जरूरी है। इसके अलावा नियमित व्यायाम करना, वजन को कंट्रोल रखना और हृदय को स्वस्थ रखने वाले आहार अपनाना भी जरूरी है। जिन लोगों में इसका आनुवंशिक रूप से जोखिम अधिक होता है उन्हें समय पर एन्यूरिज्म का पता लगाने और बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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