शरीर को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए कई प्रकार के विटामिन्स, खनिजों और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की आवश्यकता होती है। इनमें होने वाली कमी के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम हो सकता है। शरीर के लिए आवश्यक ज्यादातर पोषक तत्व हमें भोजन के माध्यम से आसानी से प्राप्त हो जाते हैं, हालांकि यदि आहार की पौष्टिकता ठीक नहीं है तो इन तत्वों की कमी का भी जोखिम हो सकता है। इस लेख में हम शरीर में विटामिन बी6 की कमी और शरीर पर इसके होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।
सेहत की बात: हाथों-पैरों में झुनझुनी और अक्सर रहती है थकान-कमजोरी? कहीं आपमें विटामिन B6 की कमी तो नहीं?
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हाथों-पैरों में झुनझुनी और दर्द का बन सकती है कारण
शोधकर्ताओं ने पाया कि विटामिन बी6 की कमी तंत्रिकाओं में क्षति का कारण हो सकती है जिसे पेरीफेरल न्यूरोपैथी भी कहा जाता है। इस तरह की दिक्कतों के कारण आपके हाथों-पैरों में जलन, दर्द और झुनझुनी जैसी समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को ऐसे लग सकता है जैसे पैरों में सुई चुभ रही हो। तंत्रिकाओं में होने वाली क्षति के परिणामस्वरूप संतुलन की समस्या और चलने में कठिनाई भी हो सकती है।
अक्सर बनी रहती है कमजोरी की दिक्कत
विटामिन बी6 की कमी से आप असामान्य रूप से थकान और सुस्ती भी महसूस कर सकते हैं। असल में हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में भी विटामिन बी6 की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन की कमी के कारण कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है, जिससे आप थका हुआ और कमजोर महसूस कर सकते हैं।
होठों का फटना और सूखना
विटामिन बी6 की कमी के परिणामस्वरूप होठों से संबंधित भी कई तरह की दिक्कतें बनी रह सकती हैं, जिसमें मुंह के कोनों पर जलन, घाव, होठों में सूजन और सूखने की समस्या हो सकती है। होठों के फटने और खून आने के कारण संक्रमण का भी खतरा रहता है। विटामिन या पूरक से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ B6 की कमी को ठीक करने से ये लक्षण दूर हो सकते हैं। इस तरह के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार के माध्यम से विटामिन बी6 की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। मछली और मांस, आलू और अन्य स्टार्च वाली सब्जियां, मूंगफली, सोया, गेहूं के बीज, केले आदि में इस विटामिन की पर्याप्त मात्रा होती है। आहार में इन चीजों को शामिल करके विटामिन बी6 के अलावा शरीर के लिए आवश्यक अन्य कई पोषक तत्व आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।