अगर आपका आहार पोषक तत्वों से भरपूर है तो ये आपको कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में मददगार हो सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को हरी पत्तेदार सब्जियों, साग, मौसमी फलों के रोजाना सेवन की सलाह देते हैं। आमतौर पर जब पौष्टिकता की बात होती है तब विटामिन सी-डी के साथ प्रोटीन की जरूरतों पर खूब चर्चा की जाती है, पर क्या आप जानते हैं कि विटामिन बी भी हमारे शरीर के लिए इन्हीं पोषक तत्वों की तरह की जरूरी है।
Vitamin B1: इस विटामिन की कमी से जा सकती है आपकी याददाश्त, रहना है सुरक्षित तो इन चीजों का शुरू कर दें सेवन
विटामिन बी1 की कमी हो सकती है गंभीर रोगकारक
विटामिन बी1 या थायमिन पानी में घुलनशील विटामिन है, ये शरीर को कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा के रूप में उपयोग करने में मदद करता है। विटामिन बी1 की कमी से आमतौर पर बेरीबेरी रोग होने का खतरा होता है, इस स्थिति में पेरिफेरल नर्वस से संबंधित विकारों का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा विटामिन बी1 के कारण वजन में कमी और एनोरेक्सिया विकसित हो सकती है। गंभीर स्थितियों में भ्रम और अल्पकालिक याददाश्त की दिक्कत भी हो सकती है।
आहार में कुछ चीजों को शामिल करके विटामिन बी1 की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है।
सूरजमुखी के बीज हैं लाभकारी
सूरजमुखी के बीज में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी1 होता है। 100 ग्राम सूरजमुखी के बीज से 0.106 मिलीग्राम विटामिन बी1 प्राप्त किया जा सकता है। सूरजमुखी के बीजों में विटामिन बी2, बी3, बी6, सी, ई और के सहित कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व भी होते हैं। ये कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में आपके लिए लाभकारी है। आहार में इसे शामिल करके विटामिन बी-1 की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
हरी मटर के लाभ
100 ग्राम हरी मटर में 0.282 मिलीग्राम विटामिन बी1 होता है। इसके अलावा हरी मटर आवश्यक खनिज कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम और सेलेनियम भी प्रदान करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हरी मटर को आहार में शामिल करके थायमिन की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
इन खाद्य स्रोत में भी होती है भरपूर मात्रा
थायमिन प्राकृतिक रूप से मांस, मछली और साबुत अनाज में पाया जाता है। इसके लिए आप मछली, सेम, दाल और दही को भी आहार का हिस्सा बना सकते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में 19 वर्ष और उससे अधिक आयु के वयस्कों के लिए विटामिन बी1 का अनुशंसित दैनिक मात्रा 1.2 मिलीग्राम (मिलीग्राम) और महिलाओं के लिए 1.1 मिलीग्राम है। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसकी जरूरत 1.4 मिलीग्राम तक बढ़ जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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