लाइफस्टाइल में गड़बड़ी और आहार में पौष्टिकता की कमी के कारण शरीर पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है, ये हड्डियों की सेहत को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती हुई देखी जा रही है। लिहाजा आर्थराइटिस, हड्डियों के घनत्व में कमी, फ्रैक्चर होने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ रहा है।
World Osteoporosis Day: ऑस्टियोपोरोसिस में बहुत कमजोर हो जाती हैं हड्डियां, छीकनें-खांसने से भी टूटने का खतरा
ऑस्टियोपोरोसिस के बारे में जानिए
हमारी हड्डियों की कोशिकाओं का लगातार ब्रेक डाउन और निर्माण होता रहता है। हालांकि ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति में हड्डियों की क्षति तो हो रही होती है लेकिन नई कोशिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता है। ये स्थिति हड्डियों को काफी कमजोर कर देती है और घनत्व कम होने के कारण इसके आसानी से टूटने का जोखिम काफी अधिक हो सकता है।
ऑस्टियोपोरोसिस पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करता है, हालांकि रजोनिवृत्ति से गुजर रही और वृद्ध महिलाओं में इसका जोखिम सबसे अधिक होता है।
कैसे जानें कहीं आपको ऑस्टियोपोरोसिस तो नहीं?
डॉक्टर बताते हैं, ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती स्थिति में हड्डियों को हो रही क्षति के आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते हैं, समय के साथ जैसे-जैसे हड्डियां कमजोर होती जाती हैं, इस स्थिति में कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं।
- रीढ़ की हड्डी में होने वाली क्षति के कारण अक्सर पीठ-कमर दर्द बने रहना।
- आपका शरीर झुक सकता है।
- हड्डियों के हल्की चोट से भी टूटने की समस्या।
यदि आप रजोनिवृत्ति से गुजर रही हैं, कुछ महीनों से कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स ले रही हैं या यदि आपके माता-पिता में से किसी को इस तरह की समस्या रही है तो ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिमों के बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
किन लोगों में होता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा?
ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों की समस्या किसी को भी हो सकती है, हालांकि कुछ स्थितियां आपमें इस रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस विकसित होने की आशंका अधिक होती है। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ भी ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ जाता है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ऑस्टियोपोरोसिस रह चुका है उन्हें कम उम्र से ही इस रोग से बचाव के लिए उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है।
ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज और बचाव के तरीके
ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में सबसे पहले हड्डियों को होने वाली क्षति का इलाज और इसे रोकने के लिए दवाएं और अन्य सहायक उपचार दी जाती है। आप लाइफस्टाइल को ठीक रखकर इस रोग के खतरे का कम कर सकते हैं। इसके लिए आहार और लाइफस्टाइल को ठीक रखने पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जो हड्डियों को मजबूत बनाती हों। प्रतिदिन पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन वाली चीजों का सेवन जरूरी है।
हड्डियों की समस्याओं से बचाव के लिए शारीरिक सक्रियता जैसे योग-व्यायाम करते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। इसके अलावा सबसे आवश्यक है कि धूम्रपान और शराब का सेवन से दूरी बनाएं, ये आदतें हड्डियों को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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