फेफड़ों का कैंसर सभी उम्र के लोगों में उभरता बड़ा खतरा है। इसके शुरुआती लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, बलगम से खून आने और बिना किसी प्रयास के वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पर क्या फेफड़ों के कैंसर का अंधेपन से भी कोई संबंध है? हाल ही में सामने आए एक हैरतअंगेज मामले ने इस तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।
Cancer: महिला को थी आंखों में दिक्कत जांच में फेफड़ों के कैंसर का चला पता, ऐसे लक्षणों को लेकर भी रहे सावधान
आंखों तक भी फैल सकता है फेफड़ों का कैंसर
जांच के दौरान डॉक्टरों ने देखा कि महिला के दाहिनी आंख के पिछले हिस्से में एक बड़ा, सफेद-पीला मांस बढ़ रहा था। इसके कारणों के बारे में जानने के लिए रोगी के रक्त की जांच और एक्स-रे की गई। आखिरकार छाती के एक्स-रे और स्कैन में पता चला कि महिला के दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से में कैंसरयुक्त ऊतकों का एक समूह बढ़ रहा था। यह ट्यूमर कई अन्य अंगों में भी फैल गया था, जिसमें आंखों का कोरॉइड भी शामिल था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, वैसे तो फेफड़ों के कैंसर में ऐसा बहुत कम होता है कि ये आंखों तक फैल जाए, हालांकि 0.1% से 7% मामलों में इसके लक्षण आंखों में भी देखे जा सकते हैं।
फेफड़ों के कैंसर में आंखों से संबंधित समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फेफड़ों के कैंसर के संकेत के रूप में दृश्य हानि या आंखों से संबंधित किसी अन्य प्रकार की समस्याओं का होना काफी दुर्लभ है। अब तक, चिकित्सा साहित्य में ऐसे लगभग 60 मामले ही रिपोर्ट किए गए हैं। इस केस में जिक्र महिला का मामला और भी असामान्य है क्योंकि वह धूम्रपान नहीं करती थी। गौरतलब है कि फेफड़ों के कैंसर के अधिकतर मामलों के लिए धूम्रपान को प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
डॉक्टर बताते हैं फेफड़ों के कैंसर के इसी तरह के और भी कई अप्रत्याशित लक्षण हो सकते हैं जिनके बारे में भी लोगों को जानना और समय रहते डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
हड्डियों में हो सकता है दर्द
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि फेफड़ों के कैंसर की कुछ स्थितियों में सांस की समस्याओं से इतर रोगियों को हड्डियों में दर्द और हड्डियों से संबंधित कई तरह की अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। कैंसर कोशिकाएं जब हड्डी तक फैल जाती है, तो इसके कारण रीढ़/पीठ, पेल्विक हिस्से या हाथ-पैर की बड़ी हड्डियों में दर्द पैदा हो सकता है। यह दर्द चलते समय, रात में या पीठ के बल लेटने पर और बढ़ जाता है।
संतुलन की हो सकती है समस्या
फेफड़ों के कैंसर वाले कुछ रोगियों में संतुलन से संबंधित विकारों के बढ़ने का भी खतरा देखा जाता रहा है। सुपीरियर वेना कावा ( बड़ी नस जो आपके सिर और भुजाओं से रक्त को हृदय तक वापस ले जाती है) के पास स्थित ट्यूमर के कारण रक्त का प्रवाह बाधित होने लगता है जिसके कारण कैंसर रोगियों को अक्सर चक्कर आने या संतुलन बिगड़ने की दिक्कत हो सकती है। फेफड़ों के कैंसर के रोगियों में इस प्रकार के लक्षण अधिक देखे जाते रहे हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Lung carcinoma presenting as monocular painless blindness
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