फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

काम की बात: सभी लोगों को जरूर जाननी चाहिए वैक्सीनेशन से जुड़ी यह बातें, कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक

Sat, 21 Aug 2021 01:02 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sat, 21 Aug 2021 01:02 PM IST
विज्ञापन
vaccine related queries all you need to know
कोरोना वैक्सीन से जुड़े सभी सवालों के जवाब - फोटो : PTI

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तमाम अध्ययनों में वैक्सीनेशन को सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है। कोरोना के नए वैरिएंट्स पर वैक्सीन कितनी प्रभावी हैं, वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज कितने दिनों तक शरीर को सुरक्षा दे सकती है? इनपर लगातार अध्ययन किए जा रहे हैं। इन सवालों से इतर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सभी लोगों को उपलब्ध वैक्सीन जरूर ले लेनी चाहिए। यह गंभीर रोग से सुरक्षा देने के साथ मृत्यु के खतरे को कम करने में बेहद कारगर है। वैक्सीनेशन से शरीर में बनीं एंटीबॉडीज कोरोना के संक्रमण को शरीर में फैलने से रोकने के साथ गंभीर खतरे से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अब तक देश में 57.23 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज मिल चुकी है। सरकार तेजी से इस अभियान को बढ़ाकर जल्द से जल्द सभी लोगों के टीकाकरण की योजना पर काम कर रही है। हालांकि कुछ स्थितियों में वैक्सीनेशन को लेकर अब भी लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल हैं। आइए आगे की स्लाइड में ऐसी ही कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब विशेषज्ञों से जानते हैं।

vaccine related queries all you need to know
बढ़े हुए डायबिटीज की स्थिति में टीकाकरण - फोटो : iStock

बढ़े हुए शुगर लेवल के दौरान टीकाकरण?
बढ़े हुए शुगर लेवल के दौरान वैक्सीनेशन करा सकते हैं या नहीं? इस बारे में एमएलएन मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद के डॉ अजीत के चौरसिया कहते हैं, टीकाकरण सभी के लिए आवश्यक है। अगर किसी के शुगर का स्तर बढ़ा हुआ है तो भी वह व्यक्ति टीकाकरण करा सकता है। सरकार की तरफ से बढ़े हुए ब्लड शुगर की स्थिति में टीकाकरण न कराने जैसी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। मधुमेह के रोगियों के लिए टीकाकरण और भी आवश्यक हो जाता है।

vaccine related queries all you need to know
कोरोना वैक्सीन की प्रभाविकता - फोटो : iStock

कितने दिनों तक असरदार रहती है वैक्सीन?
डॉ अजीत कहते हैं, कोरोना से शरीर को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीनेशन बहुत आवश्यक है। माना जाता है कि वैक्सीनेशन से बनी एंटीबॉडीज 6 महीने के बाद कम होने लगती हैं। पर इसका मतलब यह नहीं है कि एंटीबॉडीज बिल्कुल ही खत्म हो जाती हैं। शरीर में मौजूद मेमोरी सेल जरूरl पड़ने पर दोबारा से एंटीबॉडीज का उत्पादन कर सकती हैं। इसलिए लोगों को इस बात से डरने की आवश्यकता नहीं है कि कुछ दिनों में वैक्सीन की प्रभाविकता कम हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
vaccine related queries all you need to know
वैक्सीनेशन सभी के लिए आवश्यक - फोटो : PTI

कोरोना संक्रमित रहते वैक्सीन लगवा सकते हैं?
पीएचएफआई के अध्यक्ष डॉ के श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, वैसे तो कोरोना संक्रमितों को ठीक होने के 3 महीने बाद वैक्सीनेशन कराने की सलाह दी जाती है, पर कई बार ऐसा भी हो सकता है कि आपको पहले से ही कोरोना हो और आपने इसी समय वैक्सीन लगवा ली हो। वैक्सीन लगवाने के बाद आपमें संक्रमण  की पु्ष्टि हो, इस स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। अगर अनजाने में संक्रमित रहते हुए आपने वैक्सीन लगवा भी ली है तो इससे कोई नुकसान नहीं है।

विज्ञापन
vaccine related queries all you need to know
वैक्सीन की डोज में अंतराल - फोटो : PTI

वैक्सीन की दूसरी डोज में देरी हो रही है, तो क्या यह असर करेगी?
डॉ रेड्डी कहते हैं कि कई स्थानों पर टीकों की कमी के कारण लोगों को तय समय पर दूसरी डोज नहीं मिल पा रही है। पर इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है, ऐसा नहीं है कि टीकाकरण के लिए जो दिन निर्धारित हो, उसी ही दिन टीका लगवाना है। एक हफ्ते बाद भी अगर वैक्सीनेशन कराते हैं तो इसका असर कम नहीं होगा। इसलिए वैक्सीन के उपलब्ध होते ही टीकाकरण जरूर करा लें। 


------
नोट: यह लेख ट्विटर हैंडल @AIRNewsHindi पर डॉक्टरों द्वारा साझा की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed