Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
दालें हमारे डाइट का अहम हिस्सा हैं, जो न सिर्फ हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाती हैं बल्कि हमारी सेहत के लिए भी ये कई तरह से फायदेमंद होती हैं। चने की दाल भी सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है। इसमें फाइबर से लेकर प्रोटीन, विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। वही फैट की मात्रा इसमें बहुत कम होती है। अधिकतर लोग चने की दाल का सेवन दैनिक आहार के रूप में करते हैं। इससे शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है। चना दाल के ढेरों फायदे हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में उपयोगी होता है, क्योंकि यह घुलनशील फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। अगर कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रहेगा, तो जाहिर है हृदय रोग का जोखिम भी कम होता है। इसलिए हृदय को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना चने की दाल को अपने आहार में जरूर शामिल करें। आइए जानते हैं इसके सेवन से होने वाले अन्य फायदों के बारे में...
सलाह: बूढ़ी हड्डियों में भी जान भर जाती है चने की दाल, रोजाना सेवन दे सकता है ये जबरदस्त फायदे
हड्डियों के लिए फायदेमंद है चने की दाल
- शरीर के स्वस्थ रहने के लिए हड्डियों का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। हालांकि उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, लेकिन अगर आप नियमित आहार में चने की दाल का सेवन करते हैं तो यह बूढ़ी हड्डियों में भी जान भर देती है। दरअसल, चने की दाल में पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं और ये तीनों ही पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने और उसे स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
डायबिटीज रोगियों के लिए भी है फायदेमंद
- चने की दाल में मौजूद उच्च फाइबर से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि घुलनशील फाइबर शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।
वजन कम करने में भी है उपयोगी
- फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण चने की दाल वजन घटाने में भी मदद कर सकती है। इसके सेवन से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। इससे आप बार-बार खाने से बच जाते हैं और यही चीज वजन कम करने में उपयोगी होती है।
पाचन संबंधी समस्याओं में है उपयोगी
- चने की दाल पाचन संबंधी समस्याओं से निपटने में भी उपयोगी होती है, जैसे इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम। यह एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार है, जिसमें पेट में दर्द, बेचैनी और मल करने में परेशानी होती है। ऐसे में चने की दाल में मौजूद उच्च घुलनशील फाइबर इन विकारों का इलाज करने में उपयोगी होता है।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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