चिकित्सा विज्ञान में 'इंफ्लामेशन' या शरीर की आंतरिक सूजन को संपूर्ण सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है। सामान्य तौर पर, सूजन शरीर की रक्षा प्रणाली की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है, जो चोट या संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। हालांकि, समस्या तब शुरू होती है जब यह सूजन 'क्रोनिक' या लंबे समय तक बनी रहने वाली बन जाती है।
Health Tips: शरीर में सूजन होने से बढ़ जाता है कई बीमारियों का खतरा, जान लें इंफ्लामेशन के बचाव के उपाय
How to Reduce Inflammation In Body: आपने देखा होगा बहुत से लोगों का शरीर लंबे समय तक सूजा रहता है। ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर यह सूजन लंबे समय तक बना रहता है तो कई बीमारियों का कारण बन सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
सूजन बढ़ाने वाले 'फूड ट्रिगर्स' की पहचान
इंफ्लामेशन को रोकने का सबसे पहला कदम अपनी डाइट को सुधारना है। रिफाइंड शुगर, मैदा, ट्रांस-फैट और प्रोसेस्ड मीट शरीर में 'प्रो-इंफ्लामेटरी' रसायनों को सक्रिय करते हैं। जब हम अत्यधिक मीठा या तला-भुना खाते हैं, तो खून में इंसुलिन का लेवल बढ़ जाता है, जो सूजन को बढ़ावा देता है। इसके बजाय, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर युक्त भोजन को प्राथमिकता दें, जो नेचुरल रूप से सूजन को कम करने का काम करते हैं।
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एंटी-इंफ्लामेटरी सुपरफूड्स
नेचर ने हमें कई ऐसे खाद्य पदार्थ दिए हैं जो सूजन के खिलाफ ढाल का काम करते हैं। हल्दी में मौजूद 'करक्यूमिन' और अदरक के एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन कम करने में दवाओं की तरह प्रभावी होते हैं। इसके अलावा, बेरीज, हरी पत्तेदार सब्जियां और अखरोट का सेवन करें। ये खाद्य पदार्थ शरीर में 'फ्री रेडिकल्स' को खत्म करते हैं और कोशिकाओं की मरम्मत तेज करते हैं, जिससे अंगों पर पड़ने वाला ऑक्सीडेटिव तनाव कम होता है।
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तनाव और नींद
मानसिक तनाव सीधे तौर पर शरीर में 'कोर्टिसोल' हार्मोन के लेवल को बढ़ाता है, जो लंबे समय तक बने रहने पर सूजन का कारण बनता है। पर्याप्त नींद न लेना भी शरीर की मरम्मत प्रक्रिया को बाधित करता है। रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद और योग या ध्यान का अभ्यास नसों को शांत करता है। जब दिमाग शांत होता है, तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली संतुलित रहती है और बेवजह की सूजन पैदा नहीं होती।
सक्रिय जीवनशैली ही स्थाई समाधान
सूजन से बचने के लिए सक्रिय रहना बहुत जरूरी है। नियमित व्यायाम शरीर में एंटी-इंफ्लामेटरी रसायनों के उत्पादन को बढ़ाता है। वजन को नियंत्रित रखें, क्योंकि फैट कोशिकाएं खुद सूजन पैदा करने वाले सिग्नल भेजती हैं। अगर आप संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त आराम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, तो आप शरीर को अंदर से स्वस्थ रख सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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